दिवाली से पहले एपीएमसी में सूखे मेवों के दाम ₹600 प्रति किलो तक बढ़े।
महंगाई के चलते थोक कारोबार करीब आधा रह गया।
काजू ₹950–1,500 और बादाम ₹1,100–1,500 रुपये किलो बिक रहे हैं।
Vashi APMC Dry Fruit Price Rise Diwali Market: दीवाली के पकवानों में सूखे मेवे की मिठास बढ़ाएं या बढ़ती कीमतों का बोझ उठाएं, यह सवाल अब आम ग्राहकों के सामने खड़ा हो गया है। दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही वाशी स्थित मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी) के ड्रायफ्रूट बाजार में पिस्ता, बादाम, काजू, अंजीर और अखरोट समेत विभिन्न प्रकार के सूखे मेवे के दामों में भारी उछाल आया है।
जिसकी वजह से ड्राई फ्रूटस की खरीदारी में भारी गिरावट आई है, इस कारण से थोक मंडी में ड्राई फ्रूट्स का व्यापार लगभग आधा हो गया है। ड्राय फ्रुटस पर महंगाई के असर को लेकर यहां के व्यापारी बेहद चिंतित हैं। व्यापारियों के अनुसार कुछ विशेष किस्मों में ड्राय फ्रुटस की कीमत में प्रति किलो 600 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू पकवानों से लेकर मिठाई की दुकानों तक और रिश्तेदारों व कारोबारियों को दिए जाने वाले उपहारों में ड्रायफ्रूट का इस्तेमाल होता है। थोक में दाम बढ़ने से खुदरा बिक्री की कीमतों और गिफ्ट पैक्स पर भी इसका असर पड़ना तय है।
सीमित बजट में दिवाली की खरीदारी करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट इससे प्रभावित हो सकता है। एपीएमसी में नमकीन पिस्ता 1900 से 2100 रुपये, जबकि हरा पिस्ता 3000 से 3200 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है।
वाशी APMC बाजार में नमकीन पिस्ता 1,900 से 2,100 रुपये प्रति किलो और हरा पिस्ता 3,000 से 3,200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, बादाम की विभिन्न किस्मों के दाम 1,100 से 1,500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। काजू की कीमत भी 950 से 1,500 रुपये प्रति किलो के बीच है।
भाजपा व्यापारी मंडल के अध्यक्ष अमरीश बारोट के अनुसार, आयातित ड्राई फ्रूट्स की आपूर्ति में रुकावटें बनी हुई हैं। दिवाली के मद्देनजर मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं। दिवाली के बाद भी कीमतें कम होने की उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
थोक व्यापारी अमृत ढवले ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता की कमी, आयात शुल्क और परिवहन खर्च कीमतें बढ़ने की प्रमुख वजहें हैं। उनके मुताबिक, ईरान और अमेरिका से आने वाले सूखे मेवों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बंदरगाहों पर माल की आवक भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है। इसके अलावा, बादाम के कुछ उपलब्ध स्टॉक की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है।
कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और ग्राहकों की खरीदारी घटने से नवी मुंबई व्यापारी चिंतित हैं। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के दौरान मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार महंगे सूखे मेवों के कारण थोक कारोबार लगभग आधा रह गया है। अब व्यापारियों की नजर आने वाले दिनों में आपूर्ति और कीमतों की स्थिति पर है।