कर्जत टोरेंट पावर प्रोजेक्ट: पेड़ों की कटाई पर कांग्रेस का महायुति सरकार पर हमला, हर्षवर्धन सपकाल ने उठाए सवाल

Harshvardhan Sapkal Congress: कर्जत के जंगलों में टोरेंट पावर प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई पर कांग्रेस के हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति पर निशाना साधा और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की याद दिलाई।
Harshvardhan Sapkal raised questions regarding the felling of trees in the Karjat-Bhimashankar forests
हर्षवर्धन सपकाल सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • हर्षवर्धन सपकाल ने कर्जत-भीमाशंकर जंगलों में पेड़ों की कटाई पर सवाल उठाए।

  • उन्होंने टोरेंट पावर परियोजना को महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ बताया।

  • सपकाल ने सरकार पर पर्यावरण की अनदेखी का आरोप लगाया।

Karjat Torrent Power Project: कर्जत-भीमाशंकर के जंगलों में टोरेंट पावर कंपनी की परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने महायुति सरकार को घेरा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को परियोजना स्थल का दौरा किया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि सरकार की ओर से इस परियोजना के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार देने और लाखों पेड़ लगाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर जंगलों में पेड़ों की कटाई हो रही है। उन्होंने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की घोषणाएं खोखली साबित हो रही हैं।

'महाराष्ट्र के हित में नहीं है परियोजना'

सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण का संकल्प लिया है, जबकि महाराष्ट्र में पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कर्जत के जंगलों में पौधारोपण कर प्रधानमंत्री के इस संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य के पर्यावरण की अनदेखी की जा रही है। सपकाल के मुताबिक, कमीशन के लालच में पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्जत-भीमाशंकर के जंगलों में बन रही यह परियोजना महाराष्ट्र के हित में नहीं है।

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33 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार के पुराने वृक्षारोपण अभियान का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार ने 33 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया था। उन्होंने पूछा कि उस अभियान के तहत लगाए गए पेड़ अब कहां हैं और उनका क्या हुआ।

हर्षवर्धन सपकाल ने चेतावनी दी कि राज्य के लोग महाराष्ट्र के हितों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हालांकि, पेड़ों की कटाई और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर उनके ये आरोप हैं।