DRI Operation Midnight Goldstrike: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सोने की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस बेहद गुप्त और योजनाबद्ध तरीके से चलाए गए ऑपरेशन मिडनाईट गोल्डस्ट्राइक के दौरान अधिकारियों ने 10.75 करोड़ रुपये की कीमत का 6.859 किलोग्राम शुद्ध 24-कैरेट सोना जब्त करने में सफलता हासिल की है।
इस पूरी तस्करी के मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि एयरपोर्ट का ही एक कर्मचारी खुद इस सोने की हेराफेरी और तस्करी में शामिल था। अधिकारियों ने इस मामले में हवाई अड्डे के कर्मचारी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह पूरी कार्रवाई किसी रोमांचक थ्रिलर फिल्म जैसी थी। DRI के अधिकारियों को पहले ही इस बात की खुफिया और पुख्ता जानकारी मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय रूट से सोने की एक बड़ी खेप मुंबई लाई जाने वाली है। इस सूचना के आधार पर डीआरआई की टीम ने पूरी तैयारी की और 29 अगस्त को हवाई अड्डे पर कड़ा पहरा बैठा दिया।
अधिकारी हवाई अड्डे पर पूरी सतर्कता बनाए हुए थे। इसी दौरान, हवाई अड्डे की सुरक्षा जांच से बचकर चोरी-छिपे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे एक एयरपोर्ट कर्मचारी को अधिकारियों ने रोक लिया। जब उस कर्मचारी की गहनता से जांच की गई, तो उसके पास से वैक्स के भीतर छुपाकर रखे गए सोने के पाउडर के 7 कैप्सूल बरामद हुए।
जब अधिकारियों ने पकड़े गए कर्मचारी से कड़ी पूछताछ की, तो उसने तस्करी के इस खेल का पूरा सच उगल दिया। कर्मचारी ने कबूल किया कि वह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले ट्रांजिट यात्रियों से यह सोना लेता था और फिर अपनी आधिकारिक स्थिति का फायदा उठाकर सुरक्षा जांच को बायपास करते हुए इसे हवाई अड्डे से बाहर निकालने का काम करता था।
तस्करी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने का एक बेहद शातिराना तरीका निकाला था। उन्होंने शुद्ध 24-कैरेट सोने को पाउडर के रूप में बदल दिया था और फिर उसे मोम में मिलाकर कैप्सूल का आकार दे दिया था।
डीआरआई ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 16 मोम के कैप्सूल जब्त किए हैं, जिनमें सोने का पाउडर भरा हुआ था। इस सोने का कुल वजन 6.859 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10.75 करोड़ रुपये है।
डीआरआई ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तस्करी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस ऑपरेशन के तहत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पांच बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं, जो दुबई, बैंकॉक और माले जैसे शहरों से यात्रा करके मुंबई पहुंचे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री थे। इनके साथ ही, इनकी मदद करने वाले एक मुंबई एयरपोर्ट कर्मचारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
हवाई अड्डे के भीतर काम करने वाले कर्मचारी की इस मिलीभगत के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, डीआरआई की टीम इस रैकेट के पीछे जुड़े अन्य संभावित कड़ियों की तलाश में जुट गई है।