

Sanjay Raut Supports Mohan Bhagwat Statement: शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। संजय राउत ने कहा, मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में जो बयान दिया कि जो मुसलमानों से नफरत करता है या चाहता है कि मुसलमानों को भारत से निकाल दिया जाए, वह हिंदू नहीं है, और ऐसे व्यक्ति को हिंदू नहीं कहा जा सकता, यह एक महत्वपूर्ण बयान है।
लेकिन मोहन भागवत को यही बयान यहां भारत में भी देना चाहिए। उन्हें यह संदेश अपने संगठन के उन लोगों तक पहुंचाना चाहिए जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सत्ता में हैं, और महाराष्ट्र में जो बाहर से उनकी पार्टी में लाए जाते हैं और ऐसे बयान देते हैं। मोहन भागवत उन्हें शिक्षित करना चाहिए और उनके लिए वैचारिक और चिंतन सत्र आयोजित करने चाहिए।
दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से अधिक प्रतिभागियों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने मुसलमानों को लेकर संगठन के नजरिए पर पूछे गए सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने 2018 में दिल्ली में मुस्लिम प्रतिभागियों के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा था, तब मैंने कहा था- नहीं। वह हिंदू नहीं है। अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही ओर ले जाते हैं। और हर इंसान की एक गरिमा है। इंसानों में कोई भेद नहीं है।
दूसरी ओर संजय राउत ने भाजपा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा कि अगर भाजपा के लोग उस मंच का शुद्धिकरण करते हैं जहां से मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के खिलाफ अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए।
संजय राउत ने कहा, भाजपा कभी ऐसा केस दर्ज नहीं करेगी। आज भी इस देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। जातिगत भेदभाव अभी भी मौजूद है। मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं और एक वरिष्ठ नेता हैं। अगर भाजपा के लोग उस मंच का शुद्धिकरण करते हैं जहां से उन्होंने भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के खिलाफ अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए।
दरअसल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच का हवन-पूजन कर शुद्धिकरण करने को गंभीर अपराध और छुआछूत बताया है। राहुल गांधी ने दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।