मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: 4.2 करोड़ रुपये का गोल्ड डस्ट जब्त, ज्वेलर समेत तीन गिरफ्तार

DRI Gold Action: मुंबई एयरपोर्ट पर DRI ने दुबई से लाए जा रहे 4.2 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने गोल्ड डस्ट को मोम में छिपाकर सुरक्षा चक्र को चकमा देने की कोशिश की।
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जब्त किया गया सोना (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai Airport Gold Seizure: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI ने सोने की तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस बड़ी कार्रवाई में डीआरआई ने 2.6 किलोग्राम विदेशी मूल का 24-कैरेट सोना जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4.2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में एक नामी ज्वेलर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दुबई से मुंबई: तस्करी का अनोखा पैंतरा

डीआरआई की मुंबई इकाई को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि दुबई से आने वाले यात्रियों के जरिए सोने की एक बड़ी खेप भारत लाई जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर जाल बिछाया और दुबई से पहुंचे दो यात्रियों को संदिग्ध आधार पर रोका। जब उनकी सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों को सोने को छिपाने का एक नया और शातिर तरीका देखने को मिला। तस्करों ने सोने को पाउडर यानी गोल्ड डस्ट के रूप में मोम के भीतर छिपाकर रखा था। यह तरीका आमतौर पर सुरक्षा जांच और एक्स-रे मशीनों की नजरों से बचने के लिए अपनाया जाता है।

सिंडिकेट का भंडाफोड़ और गिरफ्तारियां

पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ के बाद इस तस्करी नेटवर्क की कड़ियां आगे जुड़ीं। डीआरआई ने इस मामले में अब तक कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दुबई से आए दो यात्रियों के साथ नवी मुंबई का एक सर्राफा व्यापारी भी शामिल है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह एक पूरी तरह से समन्वित तस्करी नेटवर्क है जो दुबई और भारत के बीच सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह ज्वेलर इस सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो तस्करी कर लाए गए सोने को खपाने का काम करता था।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

डीआरआई ने बरामद किए गए सोने को Customs Act के कड़े प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सिंडिकेट के संचालन और इसमें शामिल अन्य संभावित सदस्यों की पहचान करने के लिए आगे की जांच अभी भी जारी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क ने अतीत में कितनी बार इस तरह की तस्करी को अंजाम दिया है और क्या हवाई अड्डे के अन्य कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता है।

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