Maharashtra Politics: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री को लेकर अलग-अलग लोग अलग-अलग दावे कर रहे हैं। इसी बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष सिद्धेश कदम के बयान ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलें शुरू हो गईं हैं। कदम ने कहा कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद पुत्र डॉ. श्रीकांत शिंदे केंद्रीय शिक्षा या स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं।
सिद्धेश कदम ने कहा कि डॉ. श्रीकांत शिंदे खुद एक ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं और उच्च शिक्षित हैं। डॉ. श्रीकांत ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी कार्यकर्ता के रूप में की है। इसलिए उन्हें आम लोगों और विद्यार्थियों की समस्याओं की अच्छी समझ है। इसलिए डॉ. श्रीकांत शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि, श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कदम के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
कदम ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ.श्रीकांत शिंदे को जो भी जिम्मेदारी देंगे, वह उसे पूरी सफलता के साथ निभाएंगे। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार फिलहाल प्रह्लाद जोशी को दिया गया है और उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। लेकिन बीजेपी सूत्रों के मुताबिक 13 अगस्त को संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की नियुक्ति की जा सकती है।
मीडिया से बात करते हुए, सिद्धेश कदम ने शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "डॉ. श्रीकांत शिंदे लगातार तीसरी बार MP हैं और वे एक सच्चे ज़मीनी कार्यकर्ता हैं। ठाकरे के उलट, उन्हें अपने पहले टर्म में तुरंत मंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं थी। उन्होंने अपने पहले टर्म से ही ज़मीन पर काम किया है।"
डॉ. श्रीकांत शिंदे के काम की तारीफ़ करते हुए कदम ने कहा, "वह ज़मीनी स्तर के लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को अच्छी तरह जानते हैं। हमें पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें जो भी ज़िम्मेदारी देंगे, वह उसे 100 परसेंट काबिलियत और वफ़ादारी से निभाएंगे।"