शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही प्रह्लाद जोशी के सामने कई अहम चुनौतियां होंगी। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाना, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों का भरोसा वापस जीतना, डिजिटल शिक्षा को मजबूत करना और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना प्रमुख माना जा रहा है। आने वाले समय में उनके फैसलों पर लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर रहेगी।