

Maharashtra Politics: शिवसेना यूबीटी के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि शिवसेना का चुनाव चिन्ह 'धनुष बाण' जब्त किया जाना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग को उनके पिता का दिया हुआ पार्टी का नाम किसी और को देने का कोई अधिकार नहीं है। पार्टी के मुखपत्र को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को पूरी तरह से नकार दिया है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब शिवसेना तोड़ी गई, तब पार्टी का नाम और निशान एक गद्दार को दे दिया गया। असल में इस चुनाव चिन्ह को फ्रीज (जब्त) किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि वे इसे कभी नहीं मानेंगे। उनके मुताबिक, असली शिवसेना उनकी है और दूसरी 'शाह-सेना' है। चुनाव आयोग चाहे तो उस गुट को कोई भी दूसरा चिन्ह जैसे तोप, परमाणु बम या राफेल विमान दे दे, लेकिन शिवसेना का नाम उनसे लिया जाना चाहिए।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि उन्हें सरकार चलाना बिल्कुल नहीं आता। वे सिर्फ सत्ता के अहंकार में अंधे हो गए हैं। जनता के वोट देने के बाद भी ये लोग पार्टियां तोड़ते हैं। देश में पेपर लीक हो रहे हैं और दान पेटियां लूटी जा रही हैं। पिछले 12 सालों से केंद्र में इनकी सरकार है, लेकिन इन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर करना क्या है।
उद्धव ने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल में इथेनॉल के नाम पर मिलावट की जा रही है। जंतर-मंतर पर युवाओं का आंदोलन केवल नीट पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि सालों की धोखाधड़ी का नतीजा है।
उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर की कथित दान पेटी गड़बड़ी को गंभीर विषय बताया और मामले की पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने रिटायर्ड जस्टिस अभय ओक से निष्पक्ष जांच कराने का प्रस्ताव भी रखा और कहा कि रामरक्षा आंदोलन जारी रहेगा।