सांसद कनिमोझी और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

मातोश्री पहुंचीं DMK सांसद कनिमोझी! कांग्रेस से नाराजगी के कारण बदलेगा समीकरण? INDIA एलायंस में हलचल तेज

Kanimozhi Matoshree Meeting: DMK सांसद कनिमोझी की उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद INDIA गठबंधन में हलचल बढ़ गई है। जानिए कांग्रेस से नाराजगी, परिसीमन विधेयक और नए सियासी समीकरणों पर अपडेट्स।

गोरक्ष पोफली

DMK MP Kanimozhi Meets Uddhav Thackeray: राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर दरार की अटकलें उस समय और तेज हो गईं, जब DMK की प्रमुख नेता और लोकसभा सांसद कनिमोझी करुणानिधि अचानक मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचकर उद्धव ठाकरे से मिलीं।

एक राज्य (तमिलनाडु) में अपना मजबूत वर्चस्व रखने वाली DMK के वरिष्ठ नेता की महाराष्ट्र के दिग्गज क्षेत्रीय नेता से इस मुलाकात को देश के सियासी हलकों में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

कांग्रेस से DMK की नाराजगी और गठबंधन में दरार

तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद द्रमुक और कांग्रेस के बीच संबंधों में भारी कड़वाहट आ चुकी है। तमिलनाडु में कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे DMK और कांग्रेस का बीते 20 वर्षों पुराना गठबंधन टूट गया। इतना ही नहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्षेत्रीय दल VCK के प्रमुख थिरुमावलवण को फोन कर टीव्हीके का समर्थन करने का अनुरोध भी किया था।

कांग्रेस के इस कदम से नाराज होकर DMK सांसद कनिमोझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिर्ला को पत्र लिखकर संसद में अपनी पार्टी के सांसदों के लिए बैठने की अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया। अब तक द्रमुक के सांसद लोकसभा में राहुल गांधी और कांग्रेस सांसदों के बगल में ही बैठते थे।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और द्रमुक का खुलकर समर्थन किया है, जिसके लिए कनिमोझी ने अखिलेश यादव का आभार जताया।

मातोश्री की बैठक में क्या हुई चर्चा?

ऐसे तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के बीच कनिमोझी का 'मातोश्री' पहुंचना बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक के दौरान 'मातोश्री' में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और विधायक मिलिंद नार्वेकर भी मौजूद रहे।

मिलिंद नार्वेकर ने बताया आधिकारिक रूप से इस मुलाकात के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक पर चर्चा हुई। इस विधेयक के तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है।

क्षेत्रीय शक्तियों की एकजुटता और भविष्य का रुख

परिसीमन विधेयक पर उद्धव ठाकरे का स्पष्ट रुख रहा है कि 33 फीसदी महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए, लेकिन निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्रचना जैसे राष्ट्रीय विषय पर जल्दबाजी की बजाय व्यापक राष्ट्रीय चर्चा और शोध होना आवश्यक है।

मुलाकात के बाद शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद अनिल देसाई ने कहा कि यह एक बेहद सौहार्दपूर्ण बैठक थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु में DMK और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) दोनों ही अपने-अपने राज्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शक्तियां हैं। कांग्रेस के साथ DMK की बढ़ती दूरी और दो बड़े क्षेत्रीय क्षत्रपों की इस सीधी बातचीत ने 'INDIA' एलायंस के भविष्य और राष्ट्रीय राजनीति के नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

MLC Election Results Live: सभी सीटों के परिणाम जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट; नागपुर और वाराणसी में फंसा पेच

Cyclone Arnab Update: 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, अब इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

6,337 वाली दवा अब 1,495 में मिलेगी, कैंसर की किन दवाओं के कितने घटे दाम? देखें लिस्ट

BIG BREAKING: CJP ने दिया कांग्रेस के 1 नवंबर की महारैली को समर्थन, अभिजीत दिपके ने किया ऐलान

Seva First Innovation: महाराष्ट्र में इनोवेशन चैलेंज की धूम, 7,952 नए विचार पेश; 30 अक्टूबर तक करें आवेदन