

Mira Bhayandar Ganesh Immersion: इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान विसर्जन को सुरक्षित, सुचारु और आधुनिक बनाने के लिए मीरा- भाईंदर महानगरपालिका और मीरा- भाईंदर ,वसई-विरार पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और विसर्जन जुलूसों के चलते होने वाली यातायात समस्या को नियंत्रित करने के लिए शहर में कुल 24 विसर्जन स्थल तैयार किए गए हैं। वहीं, बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए रो -रो जेट्टी सुविधा का उपयोग कर ट्रैफिक दबाव कम करने की योजना बनाई गई है।
मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा ने पत्रकार परिषद में बताया कि बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए तटीय क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की गई है। रो - रो जेट्टी के माध्यम से बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा। इससे विसर्जन घाटों पर भीड़ का दबाव कम होने के साथ ही सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से भी नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मनपा ने प्रतिमाओं के आकार के आधार पर विसर्जन की व्यवस्था की है। 6 फीट तक की छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर के विभिन्न मैदानों और प्रमुख जलाशयों में 19 कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं। इनमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस मैदान, शिवार गार्डन और बालासाहेब ठाकरे मैदान सहित अन्य स्थान शामिल हैं। वहीं, 6 फीट से बड़ी सार्वजनिक गणेश प्रतिमाओं के लिए 5 प्राकृतिक जलस्रोत निर्धारित किए गए हैं। इनमें उत्तन समुद्र किनारा, भाईंदर पश्चिम खाड़ी किनारा, भाईंदर पूर्व खाड़ी किनारा (जेसल पार्क), घोडबंदर रेतीबंदर खाड़ी और चेना नदी शामिल हैं।
विसर्जन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं को सीधे पानी में उतरकर प्रतिमा विसर्जित करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशिक्षित लाइफगार्ड और विशेष विसर्जन पथक प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से जल में विसर्जित करेंगे।
प्रमुख विसर्जन स्थलों पर एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीम और प्राथमिक उपचार केंद्र उपलब्ध रहेंगे। कानून-व्यवस्था के लिए एमबीविवि पुलिस के जवानों के साथ होमगार्ड भी तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
विसर्जन जुलूसों के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मनपा ने मोबाइल ऐप पर प्राप्त गड्ढों की शिकायतों का निवारण करते हुए संबंधित सड़कों की मरम्मत कराई है।
डीसीपी राहुल चव्हाण ने बताया कि विसर्जन के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए लावारिस और अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को हटाया जाएगा। भाईंदर पूर्व के बीपी रोड और नवघर रोड, और भाईंदर पश्चिम के स्टेशन (जेट्टी) रोड पर यातायात व्यवस्था के तहत वन-वे लागू किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य विसर्जन जुलूसों के साथ-साथ सामान्य यातायात को भी सुचारु बनाए रखना है।
हालांकि मनपा ने पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन का दावा किया है, लेकिन प्राकृतिक जलस्रोतों में बनाए जा रहे अस्थायी पार्टिशन को लेकर पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। उनका आरोप है कि प्राकृतिक तालाबों के भीतर इस तरह के अस्थायी निर्माण से वहां के पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि विसर्जन के बाद पीओपी और रासायनिक रंगों से दूषित पानी मुख्य जलस्रोत में मिल सकता है, जिससे जलीय जीवों और पक्षियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा ने नागरिकों और सार्वजनिक गणेश मंडलों से पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन नियमों का पालन करने, प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करने तथा पुलिस एवं मनपा प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का जोर इस बार सुरक्षित विसर्जन, नियंत्रित यातायात और पर्यावरण संरक्षण पर है।