

BRICS Summit Strengthening India Vietnam Ties: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, सिक्योरिटी, एनर्जी, दुर्लभ खनिज, अंतरिक्ष और ट्रेड जैसे अहम क्षेत्रों में कोऑपरेशन बढ़ाने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मीटिंग की। बैठक में दोनों देशों के रिलेशन को और मजबूत करने और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर बैठक की जानकारी शेयर की और भारत-वियतनाम रिलेशन में हो रही प्रोग्रेस पर संतोष जताया। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में भारत और वियतनाम के बीच डिफेंस एवं सिक्योरिटी कोऑपरेशन को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने प्रस्तावित 2+2 डायलॉग मैकेनिज्म को आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा की।
2+2 व्यवस्था के जरिए दोनों देशों के डिफेंस और फॉरेन पॉलिसी से जुड़े सीनियर अधिकारियों के बीच रेगुलर और इंस्टीट्यूशनल डायलॉग को बढ़ावा मिलेगा। इससे सिक्योरिटी कोऑपरेशन को अधिक प्रैक्टिकल और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत और वियतनाम के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कोऑपरेशन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों देशों के साझा स्ट्रैटेजिक हितों को देखते हुए डिफेंस पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पीएम मोदी और ले मिन्ह हंग ने एनर्जी, रेयर अर्थ मिनरल्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे स्ट्रैटेजिक क्षेत्रों में कोऑपरेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा की। खास तौर पर दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में पार्टनरशिप को महत्वपूर्ण माना गया।
रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी से जुड़े उद्योगों में होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में कोऑपरेशन दोनों देशों के लिए स्ट्रैटेजिक और इकोनॉमिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी और स्वच्छ एनर्जी के क्षेत्र में भी नॉलेज, टेक्नोलॉजी और एक्सपीरियंस शेयर करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के मोर्चे पर भारत और वियतनाम ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट रखा है। दोनों देश इस टारगेट को हासिल करने के लिए इकोनॉमिक कोऑपरेशन को और विस्तार देने की दिशा में काम करेंगे।
इसके साथ ही दोतरफा इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने और प्राइवेट सेक्टर के लिए नए कारोबारी अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया गया। ट्रेड रिलेशन को मजबूत करना दोनों देशों की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का अहम हिस्सा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और वियतनाम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को भी रेखांकित किया। दोनों देशों के बीच लंबे समय से लोगों के स्तर पर संपर्क और साझा आध्यात्मिक विरासत रही है।
पीएम मोदी ने वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कोऑपरेशन का महत्वपूर्ण पार्टनर बताया। ब्रिक्स समिट के दौरान हुई यह मीटिंग भारत और वियतनाम के बीच डिफेंस, एनर्जी, ट्रेड और स्ट्रैटेजिक कोऑपरेशन को नई गति देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।