DHFL Bank Fraud ED Probe Kapil Wadhawan Dheeraj Wadhawan: दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DHFL) से जुड़े करीब 34,000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी कपिल वाधवान और धीरज वाधवान ने विदेश में स्थित संपत्तियों को जांच की कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर जांच तंत्र को गुमराह करने की कोशिश की।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और ED 17 बैंकों के संघ की शिकायत के आधार पर इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वाधवान भाइयों पर बैंकों से लिए गए 42,871 करोड़ रुपये के कर्ज में हेराफेरी कर करीब 34,615 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि फर्जी वित्तीय रिकॉर्ड और शेल कंपनियों के जरिए कर्ज की रकम को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया।
जांच के दौरान ब्रिटेन स्थित ‘हर्टमोर हाउस’ नामक संपत्ति के लेनदेन में कथित अनियमितताएं सामने आईं। यह संपत्ति कपिल वाधवान की पत्नी वनिता वाधवान के नाम पर दर्ज थी। ED के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी देनदारी तैयार की और दुबई स्थित ‘श्री अल जालोर ट्रेडिंग’ नामक कंपनी के साथ फर्जी ऋण समझौता दिखाकर संपत्ति को गिरवी रखा।
जांच एजेंसी के मुताबिक, वर्ष 2026 में इस बंगले की बिक्री से प्राप्त रकम वनिता वाधवान के बजाय सीधे ‘श्री अल जालोर ट्रेडिंग’ के बैंक खाते में भेजी गई। ED को संदेह है कि दुबई स्थित यह कंपनी भी वनिता वाधवान से जुड़ी हुई है। तलाशी अभियान के दौरान बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों की जांच में कथित लेनदेन की कई परतें सामने आईं।
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 54.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 51.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसी अब कथित फर्जी लेनदेन, शेल कंपनियों और विदेश स्थित संपत्तियों के जरिए रकम को छिपाने या स्थानांतरित करने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। DHFL मामले में CBI और ED की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।