फडणवीस, मनोज जरांगे और बावनकुले (सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई

दबाव के आगे नहीं झुकेगी सरकार, कुनबी सर्टिफिकेट विवाद में बावनकुले के सपोर्ट में सीएम, जरांगे को दिया जवाब

Maharashtra Reservation News: मराठा आरक्षण व कुनबी सर्टिफिकेट विवाद पर सीएम फडणवीस का बड़ा बयान। कहा- सरकार केवल संविधान के दायरे में करेगी फैसला।

अनिल सिंह

Devendra Fadnavis Supports Bawankule On Kunbi Certificate: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण और कुनबी जाति प्रमाण पत्र को लेकर गरमाई राजनीति के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। 

मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर ही आरक्षण से जुड़ी सभी मांगों पर सुनवाई व फैसला करेगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी भी समुदाय के अधिकारों में कटौती किए बिना सभी वर्गों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

"दबाव या नियमों से हटकर काम नहीं करेगी सरकार"

आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार मराठा, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और विमुक्त व भटकती जनजातियों (VJNT) के हितों की रक्षा करेगी।

सीएम ने कहा, "हमारी सरकार संविधान के अनुसार चलती है और किसी भी राजनीतिक दबाव या असंवैधानिक मांग के आगे नहीं झुकेगी। किसी एक वर्ग का हक छीनकर दूसरे वर्ग को नहीं दिया जाएगा। जो मांगें संविधान और नियमों के दायरे में होंगी, उन्हीं पर विचार किया जाएगा, बाकी असंवैधानिक मांगों को खारिज कर दिया जाएगा।"

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का किया बचाव

मराठवाड़ा क्षेत्र में बीड जिले के कुछ मराठा-कुनबी सर्टिफिकेट रद्द होने के बाद मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है।

इस विवाद पर मंत्री का बचाव करते हुए फडणवीस ने कहा कि बावनकुले ने केवल अपना प्रशासनिक और संवैधानिक कर्तव्य निभाया है। किसी भी मंत्री के पास आए ज्ञापन को संबंधित जांच विभाग के पास भेजना नियमसंगत प्रक्रिया है। इस मामले की जांच करने वाली समिति सरकार से स्वतंत्र है और उसके पास न्यायिक शक्तियां हैं। असंतुष्ट पक्ष अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।

मनोज जरांगे का 29 अगस्त से बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम

उल्लेखनीय है कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि रद्द किए गए कुनबी प्रमाण पत्र बहाल नहीं किए गए, तो वे 29 अगस्त 2026 से जालना के अंतरवाली सराटी में एक बार फिर बड़ा और निर्णायक आंदोलन शुरू करेंगे।

पश्चिम महाराष्ट्र के दौरे के दौरान जरांगे ने सरकार पर मराठा युवाओं के भविष्य के साथ धोखा करने का आरोप लगाया था। इसी के जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है।

NEET UG Paper Leak Case: राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI चार्जशीट पर लिया संज्ञान, कल से मामले पर होगी सुनवाई

प्रथम शहीद क्यों कहलाते हैं बाबू गेनू? जानें विदेशी कपड़ों के ट्रक के आगे सीना तानने वाले अमर शहीद की कहानी

JPC को भेजा गया FCRA बिल, सदन में हंगामे के बीच सरकार का विपक्ष पर आरोप, कहा- देश में फैलाया जा रहा झूठ

कैश कहां से आया? जवाब नहीं दे पाए जस्टिस यशवंत वर्मा, जांच कमेटी की रिपोर्ट लेकसभा में पेश

पैगाम रहमत-ए-आलम अभियान: 16 से 26 अगस्त तक 17 राज्यों के 1,000 स्थानों पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम