Mumbai Crime Branch Cyber Fraud Goa Resort Raid: मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक,
यह गिरोह गोवा के एक रिसॉर्ट के विला से कथित तौर पर अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी अपने और अन्य लोगों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों को सक्रिय कराने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड का नियंत्रण गिरोह अपने पास रखता था।
पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑनलाइन ठगी के जरिए हासिल रकम जमा करने के लिए किया जा रहा था। इस तरह कथित तौर पर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसका लेनदेन किया जाता था।
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने 13 सितंबर 2026 को गोवा के वर्का इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट के विला पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में 88 पासबुक, 143 चेकबुक, 100 एटीएम कार्ड, 24 मोबाइल फोन, 167 सिम कार्ड और 2 लैपटॉप बरामद किए गए। इसके अलावा गोवा में छापेमारी के दौरान 59 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 9 लैपटॉप, 51 एटीएम कार्ड और 12 पासबुक भी जब्त किए गए।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, गिरोह ने साइबर ठगी से हासिल रकम को छिपाने और अलग-अलग खातों के बीच ट्रांसफर करने के लिए अपना कस्टम एप्लिकेशन भी तैयार किया था। पुलिस अब इस ऐप के जरिए किए गए लेनदेन और इससे जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त राजतिलक रौशन के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की टीम ने की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खातों और देशभर में किए गए कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।