यूपीआई पेमेंट पर फीस का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, गैजेट नोटिफिकेशन रद्द करने की मांग

UPI Payment Case In Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में UPI से संबंधित गैजेट नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% का चार्ज लगाने की व्यवस्था है।
UPI Payment Case Reaches Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूपीआई पेमेंट केस (AI इमेज)सोर्स- सोशल मीडिया
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UPI Payment Case Reaches Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी UPI से संबंधित गैजेट नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की गई है। वकील अंजन दत्ता ने वित्त मंत्रालय के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन को चुनौती दी है, जिसमें 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% का चार्ज लगाने की व्यवस्था है। याचिका में कहा गया है कि हाल ही में घोषित चार्ज का असर आखिरकार आम नागरिकों पर पड़ेगा। याचिका केंद्र सरकार, RBI, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI के खिलाफ दायर की गई है।

MDR फ्रेमवर्क को रद्द करने की मांग

वित्त मंत्रालय की ओर से भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A के तहत अधिसूचना जारी की गई है। कोर्ट में दायर याचिका में सरकार की 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर को घोषित किए गए MDR फ्रेमवर्क को पूरी तरह कैंसिल करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने यह चार्ज लगाने से पहले न तो पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई, न पूरी पारदर्शिता बरती और न ही आम लोगों से राय ली।

सरकार ने रखा अपना पक्ष

चार्ज को लेकर जैसे विवाद शुरू हुआ सरकार ने साफ किया है कि यह केवल मर्चेंट्स के लिए है। आम उपभोक्ताओं के लिए पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजेक्शन और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट पूरी तरह से मुफ्त बने रहेंगे। सरकार ने 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' की धारा 10A के तहत नियमों में संशोधन करके 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल पेमेंट पर यह चार्ज लगाने का प्रावधान किया था।

क्या है MDR ?

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) मर्चेंट पेमेंट को प्रोसेस करने से जुड़ी एक फीस है। इसे पेमेंट इकोसिस्टम के अंदर इकट्ठा किया जाता है और इसमें शामिल संस्थाओं, जैसे कि बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच बांटा जाता है। यह सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला कोई टैक्स नहीं है।

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यूपीआई के नए नियम पर सियासत

सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के बाद भारत में जमकर सियासी बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाया है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर जो चार्ज लगाया गया है, उसका सबसे ज्यादा फायदा फोन पे, गूगल पे और अमेजन पे को होगा, जो अमेरिकी कंपनियों से जुड़े पेमेंट प्लेटफॉर्म हैं। अमेरिका की पेमेंट कंपनियां लगातार भारत की जीरो एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं, जिनके सामने नरेंद्र मोदी ने सरेंडर कर दिया है।

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