Chhagan Bhujbal Orders Immediate MSP Dues Clearence: महाराष्ट्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत अपनी उपज बेचने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने संबंधित एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे एमएसपी के तहत खरीदे गए धान और मोटे अनाज का प्रलंबित भुगतान बिना किसी देरी के तुरंत किसानों के खातों में जमा कराएं।
मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपज की गारंटीकृत राशि समय पर प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित देयकों की प्रक्रिया बिना किसी अनावश्यक विलंब के पूरी की जाए और पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधी राशि स्थानांतरित की जाए। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां उपलब्ध फंड, प्रलंबित देनदारियों और कागजी कार्रवाई की तत्काल समीक्षा करें।
महाराष्ट्र राज्य में मार्केटिंग सीजन 2025-26 के दौरान एमएसपी के तहत बड़े पैमाने पर धान और मोटे अनाजों की खरीद हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फसलवार खरीद का विवरण इस प्रकार है-
धान: 1,03,80,196.70 क्विंटल
मक्का: 10,05,111 क्विंटल
ज्वार: 55,183.70 क्विंटल
रागी: 4,624 क्विंटल
बाजरा: 510.50 क्विंटल
इसके अतिरिक्त, रबी विपणन सीजन में भी धान, ज्वार और मक्के की उल्लेखनीय खरीद दर्ज हुई है। रबी सीजन को मिलाकर कुल 1,08,21,404.60 क्विंटल उपज की खरीद दर्ज की गई है।
प्रशासन ने अब तक भुगतान की गई राशि और शेष प्रलंबित देयकों की विभागवार जानकारी संकलित कर ली है। मंत्री भुजबल ने खरीद प्रक्रिया में शामिल सभी संस्थाओं को उपलब्ध फंड और प्रशासनिक कार्रवाई का तत्काल जायजा लेने के आदेश दिए हैं।
भुगतान प्रक्रिया में ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री छगन भुजबल ने कहा, किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य समय पर मिलना चाहिए। प्रलंबित भुगतान के मामले में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी सहन नहीं की जाएगी।
इस कड़े कदम से राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलने और उनके बैंक खातों में जल्द राशि पहुंचने की उम्मीद जगी है।