

Niphad Drought Situation: महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सरकार द्वारा घोषित 'ट्रिगर वन' सूची में निफाड तहसील को शामिल न किए जाने पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। येवला स्थित अपने संपर्क कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निफाड में वर्षा की कमी, फसलों के नुकसान और उत्पादन में संभावित गिरावट की तत्काल पुनर्जांच कर वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए।
साथ ही, येवला और निफाड में वास्तविक फसल स्थिति का आकलन करने के लिए निष्पक्ष फसल कटिंग प्रयोग आयोजित करने के आदेश दिए। मंत्री भुजबल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए येवला तहसील में सूखा राहत उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसमें भू-राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, वसूली पर रोक, कृषि पंपों के बिजली बिलों में छूट और परीक्षा शुल्क माफी शामिल है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
बैठक में संभावित जल संकट से निपटने के लिए टैंकर नियोजन, मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था, रबी फसलों के लिए बीज-उर्वरक की अग्रिम उपलब्धता और महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार कार्यों को गति देने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा, कोटमगांव में आगामी नवरात्रोत्सव और येवला में 13 अक्टूबर को होने वाले मुक्ति दिवस कार्यक्रम के लिए यातायात, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश जारी किए गए। बैठक में येवला और निफाड के उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और कृषि विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
छगन भुजबल ने येवला तहसील के राजापुर गांव का दौरा कर सूखाग्रस्त स्थिति और खरीफ फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसानों से बातचीत कर वर्षा की कमी, फसलों के विकास और जल संकट से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बारिश में लंबे अंतराल के कारण फसलों में रोग लगने और संभावित नुकसान की चिंता जताई।
मंत्री भुजबल ने कृषि एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र की स्थिति का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के नियमानुसार किसानों को मिलने वाली सभी छूट और आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर उपविभागीय अधिकारी बाबासाहेब गाढवे, तहसीलदार आबा महाजन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।