Central Railway Fake Electrical Equipment Racket: मध्य रेल द्वारा नकली विद्युत उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है।
कोच में धुआं उठने की घटना के बाद की गई तकनीकी जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सरकारी निविदा के तहत सप्लाई किए गए मोटर प्रोटेक्शन सर्किट ब्रेकर नकली और दोषपूर्ण थे।
जांच में फर्जी टेस्ट सर्टिफिकेट, अनधिकृत सप्लायर और यात्रियों की सुरक्षा से गंभीर खिलवाड़ सामने आया है। मामले में संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मध्य रेल ने स्पष्ट किया है कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मध्य रेलवे के सामग्री विभाग ने 8 नवंबर 2025 को नकली मोटर प्रोटेक्शन सर्किट ब्रेकर की खरीद के लिए निविदा जारी की थी। कोलकाता स्थित एक फर्म को यह ठेका दिया गया, जिसने अपने प्रस्ताव में प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक कंपनी के असली उपकरण सप्लाई करने का दावा किया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य रेलवे ने स्वतंत्र रूप से निर्माता इलेक्ट्रिक कंपनी से सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि कोलकाता स्थित फर्म कंपनी की अधिकृत डीलर नहीं थीं, सप्लाई किए गए उपकरण नकली थे और उनके साथ प्रस्तुत परीक्षण प्रमाणपत्र भी फर्जी थे। 5 मई 2026 को निर्माता कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने औपचारिक रूप से प्रमाणित किया कि सप्लाई किए गए कम से कम पांच एमपीसीबी नकली थे, जिससे मध्य रेलवे की जांच की पुष्टि हुई।
10 दिसंबर 2025 को 325 एमपीसीबी की खरीद का आदेश जारी किया गया। जनवरी 2026 में सामग्री की आपूर्ति की गई, जिसके साथ निर्माता कंपनी के नाम से जारी कथित परीक्षण प्रमाणपत्र भी संलग्न थे। 7 मार्च 2026 को कोच संख्या 222961 में धुआं देखा भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मध्य रेलवे के सामग्री विभाग ने 8 नवंबर 2025 को नकली मोटर गया, जब संबंधित एमपीसीबी उच्च वोल्टेज की स्थिति में ट्रिप होने में विफल रहे। मध्य रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक तकनीकी समिति गठित की, जिसने शीघ्र जांच में पाया कि उपकरण दोषपूर्ण है और यात्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।
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उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माटुंगा स्थित मध्य रेलवे कार्यशाला के वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक ने संबंधित फर्म के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुंबई के शाहू नगर पुलिस स्टेशन में बीएनएस 2023 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
कोलकाता स्थित फर्म ने नकली और दोषपूर्ण एमपीसीबी की आपूर्ति कर यात्रियों के जीवन को खतरे में डाला। इस धोखाधड़ीपूर्ण और खतरनाक कृत्य के कारण गंभीर सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हुए हैं, जिसके लिए संबंधित फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।