Mumbai Buffalo Milk Price Hike: त्योहारों से पहले मुंबईकरों को महंगाई का एक और झटका लगा है। ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार से दूध की नई थोक कीमत 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
बढ़ी हुई कीमत का सीधा असर आने वाले दिनों में लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ के मुताबिक, नई कीमत 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
थोक कीमत में बढ़ोतरी के बाद मुंबई शहर और आसपास के इलाकों में ताजा भैंस के दूध की खुदरा कीमत भी बढ़ने की संभावना है।
संघ के चेयरमैन सी. के. सिंह के मुताबिक, 1 सितंबर से थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद खुदरा कीमतें स्थानीय मांग और इलाके के आधार पर 115 से 125 रुपये प्रति लीटर या इससे अधिक हो सकती हैं। इसका मतलब है कि दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है।
मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ ने कीमत बढ़ाने के पीछे पशुपालन से जुड़ी लागत में हुई वृद्धि को प्रमुख कारण बताया है। संघ के अनुसार, दुधारू पशुओं की खरीद लागत में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पशुओं के चारे की कीमत में भी लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
बढ़ती लागत के चलते दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूध की थोक कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया।
दूध की कीमत बढ़ाने का निर्णय मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ की द्विवार्षिक आमसभा की बैठक में लिया गया। संघ के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि बताई जा रही है।
करीब 70 वर्ष पुराने इस संघ के पास ताजा भैंस का दूध उपलब्ध कराने के लिए डेयरी, स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और पशुशालाओं का नेटवर्क है।
दूध रोजमर्रा की जरूरत की प्रमुख वस्तु होने के कारण इसकी कीमत बढ़ने का असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों के दौरान दूध और उससे बनने वाले उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च का दबाव आने की संभावना है।
नई थोक कीमत लागू होने के बाद अब मुंबईकरों की नजर खुदरा बाजार में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी पर है। अलग-अलग क्षेत्रों में मांग और विक्रेताओं के आधार पर दूध के दाम अलग हो सकते हैं।