बीएमसी एमएमआरसीएल प्रोजेक्ट प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महालक्ष्मी रेसकोर्स के नीचे बनेगा भूमिगत वॉकवे: BMC खर्च करेगी 702 करोड़, कांग्रेस ने उठाए सवाल

Mumbai Metro Line Project: महालक्ष्मी रेसकोर्स के नीचे 702 करोड़ की लागत से भूमिगत वॉकवे बनेगा। बीएमसी इसका खर्च उठाएगी और एमएमआरसीएल निर्माण करेगी। कांग्रेस ने भारी खर्च पर सवाल उठाए हैं।

रूपम सिंह

Mumbai Mahalaxmi Racecourse Underground Walkway: महालक्ष्मी रेसकोर्स में प्रस्तावित सेंट्रल पार्क को मुंबईकरों और पर्यटकों के लिए आसानी से सुलभ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत रेसकोर्स के नीचे से एक भूमिगत पैदल मार्ग (अंडर ग्राउंड वाकवे) विकसित किया जाएगा, जो साइंस सेंटर मेट्रो स्टेशन को सीधे समुद्र किनारे बने वॉकवे से जोड़ेगा। करीब 702 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना का पूरा खर्च बीएमसी वहन करेगी, जबकि निर्माण और परियोजना का जिम्मा मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) का रहेगा।

संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 19 अगस्त यानी बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि, इस महंगी परियोजना को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का तर्क है कि बीएमसी पहले ही हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च कर रही है। ऐसे समय में 702 करोड़ रुपये की एक और परियोजना की वित्तीय जिम्मेदारी बीएमसी पर डालना उसके आर्थिक बोझ को और बढ़ा सकता है।

रेसकोर्स के जरिए मेट्रो स्टेशन व समुद्र किनारे की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

  • प्रस्तावित भूमिगत मार्ग का उद्देश्य महालक्ष्मी रेसकोर्स के नीचे से सुरक्षित पैदल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इसके जरिए साइंस सेंटर मेट्रो स्टेशन से समुद्र किनारे स्थित वॉकवे तक लोगों को सीधे पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

  • रेसकोर्स में सेंट्रल पार्क विकसित होने के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क पर बढ़ने वाले पैदल और वाहन यातायात के दबाव को कम करने के साथ लोगों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस परियोजना को लेकर 28 जुलाई 2025 को बीएमसी

  • मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इसमे राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुंबई विकास रेल कॉर्पोरेशन और एमएमआरसीएल के अधिकारी भी शामिल हुए थे। उस समय एमएमआरसीएल की प्रबंध निदेशक और अब बीएमसी आयुक्त के पद पर कार्यरत अश्विनी भिडे भी बैठक का हिस्सा थीं।

  • बैठक में भूमिगत पैदल मार्ग के निर्माण, इसकी रूपरेखा और कार्यान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसमें तय किया गया था कि परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय राशि

  • बीएमसी उपलब्ध कराएगी, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी एमएमआरसीएल संभालेगा। परियोजना को औपचारिक रूप देने के लिए नगर विकास विभाग, बीएमसी और एमएमआरसीएल के बीच समझौता किए जाने की योजना है।

  • समझौते में तीनों संस्थाओं की जिम्मेदारियों और भूमिकाओं को स्पष्ट किया जाएगा। इस भूमिगत मार्ग को शहर में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना है। बैठक में संबंधित एजेंसियों ने परियोजना को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की थी।

मेट्रो स्टेशनों से बड़े कॉम्प्लेक्स जोड़ने की भी योजना

जुलाई 2025 में बीएमसी मुख्यालय में एमएमआरसीएल अधिकारियों के साथ हुई बैठक में केवल महालक्ष्मी रेसकोर्स परियोजना ही नहीं, बल्कि मेट्रो स्टेशनों को आसपास के प्रमुख इलाकों और बड़े व्यावसायिक व आवासीय कॉम्प्लेक्स से भूमिगत पैदल मार्गों के जरिए जोड़ने की व्यापक योजना पर भी चर्चा हुई थी। बैठक में मेट्रो स्टेशनों से भूमिगत कनेक्टिविटी, आवश्यक फ्लोर स्पेस इंडेक्स और इससे जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विचार किया गया।

इसके अतिरिक्त मेट्रो-3 को वर्ली, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स बीकेसी और अंधेरी एमआईडीसी के प्रमुख कॉम्प्लेक्स से जोड़ने वाले आठ भूमिगत पैदल मार्गों को भी मंजूरी दी गई है। इनमें वर्ली क्षेत्र में चार, बीकेसी में तीन और अंधेरी एमआईडीसी में एक भूमिगत मार्ग शामिल है। इन सभी प्रस्तावित कनेक्टिविटी मार्गों के निर्माण की जिम्मेदारी एमएमआरसीएल को दी गई है।

बीएमसी कांग्रेस गुट नेता अशरफ आजमी ने बाताया की बीएमसी पहले से ही कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर बड़ी रकम खर्च कर रही है। इनमें भविष्य में प्रस्तावित समुद्री मार्ग, फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।

ऐसे में नई परियोजना को मंजूरी देने से पहले बीएमसी की मौजूदा वित्तीय स्थिति और भविष्य की देनदारियों को ध्यान में रखना जरूरी है। 702 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को लेकर पुनर्विचार की जरूरत है।

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