Mumbai Metro Lines 2A: मुंबई की मेट्रो लाइन 2ए और 7 पर यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रहने के कारण टिकटों से होने वाली आय भी प्रभावित हुई है। इस वित्तीय घाटे से उबरने और राजस्व बढ़ाने के लिए अब मेट्रो प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है, जिसके तहत स्टेशनों को 'कमाई सेंटर' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी योजना के अंतर्गत, स्टेशनों पर दुकानों, विज्ञापनों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह किराए पर देने हेतु आधिकारिक निविदाएं जारी कर दी गई हैं। मेट्रो 2ए और मेट्रो 7 पर अपेक्षित यात्री संख्या नहीं पहुंचने से आय की तुलना में खर्च अधिक हो रहा है।
ऐसे में घाटा कम करने और टिकट के अलावा गैर-किराया आय बढ़ाने के लिए महा मुंबई मेट्रो संचालन मंडल लिमिटेड ने अब मेट्रो स्टेशनों की खाली जगहों को कमाई का जरिया बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। स्टेशनों पर खाद्य पदार्थों के स्टॉल, खुदरा बिक्री के दालान, एटीएम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह किराए पर दी जाएगी।
यही वजह है कि अब मेट्रो स्टेशन केवल यात्रियों के सफर का ठिकाना नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय के केंद्र भी बनेंगे। मेट्रो 2ए अंधेरी पश्चिम से दहिसर पूर्व और मेट्रो 7 अंधेरी पूर्व से दहिसर पूर्व के बीच संचालित होती हैं। इन दोनों लाइनों पर अपेक्षित यात्री संख्या नहीं मिलने के कारण संचालन से होने वाली आय खर्च की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।
मेट्रो परियोजनाओं के निर्माण पर हुए भारी खर्च को केवल टिकट बिक्री से वसूलना संभव नहीं है, इसलिए एमएमएमओसीएल ने गैर-किराया आय बढ़ाने पर जोर दिया है।
एमएमएमओसीएल ने मेट्रो 2ए और 7 के स्टेशनों पर छोटे-बड़े कियोस्क और ब्लॉक स्पेस किराये पर देने के लिए निविदाएं जारी की हैं। यहां फूड स्टॉल, दुकानें, एटीएम समेत अन्य सुविधाएं शुरू की जा सकेंगी, ब्लॉक स्पेस के लिए 15 साल का लाइसेंस होगा, जिसे 5 साल बढ़ाया जा सकेगा, जबकि कियोस्क का लाइसेंस 5 साल का होगा और जरूरत पर इसे भी 5 साल बढ़ाया जा सकेगा।
गैर-किराया आय बढ़ाने के लिए मेट्रो स्टेशनों और आसपास की जगहों पर विज्ञापन व ब्रांडिंग के अधिकार दिए जाएंगे, अधिकारियों के मुताबिक निजी ठेकेदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उपलब्ध जगहें किराये पर देकर अतिरिक्त राजस्व जुटाया जाएगा।