Mumbai News In Hindi: महाविकास अघाड़ी सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामलों में फंसाने की कथित साजिश का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त संजय पांडे के नार्को टेस्ट की मांग की है।
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने कहा कि नार्को टेस्ट के जरिए यह सामने आ सकेगा कि फडणवीस को फंसाने की साजिश के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे सरकार के दौरान एक सुनियोजित साजिश रची गई थी, जिसका मकसद तत्कालीन विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस को झूठे मामलों में गिरफ्तार कराना था।
साटम के अनुसार, उस समय मुंबई के पुलिस आयुक्त रहे संजय पांडे को फडणवीस के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। पांडे ने यह जिम्मेदारी दो पुलिस अधिकारियों लक्ष्मीकांत पाटिल और सरदार पाटिल को सौंपी और उन पर फर्जी मामले तैयार करने का दबाव डाला गया।
भाजपा नेता ने दावा किया कि तत्कालीन डीजीपी रश्मि शुक्ला ने सेवानिवृत्ति से पांच दिन पहले राज्य सरकार को जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें इस पूरी साजिश का विस्तृत विवरण दर्ज है। साटम के मुताबिक, यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि फडणवीस को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाने की कोशिश की गई।
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अमित साटम ने कहा, “मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि संजय पांडे का नार्को टेस्ट कराया जाए। यह जानना बेहद जरूरी है कि वे किसके इशारे पर फडणवीस को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे थे।” उन्होंने मांग की कि इस साजिश के असली मास्टरमाइंड को जनता के सामने लाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।