Maharashtra BEST Transport Budget: मुंबई बेस्ट ने वर्ष 2027-28 के लिए अपना 9,876 करोड़ रुपए का बजट पेश कर दिया है, जिसमें उपक्रम को 1,317 करोड़ रुपए के भारी घाटे का सामना करना पड़ेगा।
बजट में उल्लेख किया गया है कि बेस्ट का बिजली विभाग जहां 201.21 करोड़ रुपए के मुनाफे में चल रहा है, वहीं सार्वजनिक बस सेवा 1,518.71 करोड़ रुपए से अधिक का बड़ा नुकसान झेल रही है। दूसरी तरफ विभिन्न विकास और पूंजीगत कार्यों के लिए 647.79 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस वित्तीय संकट के बावजूद बेस्ट प्रशासन ने मुंबईकरों के सफर को आसान बनाने के लिए अपने बेड़े में बसों की कुल संख्या बढ़ाकर 10,000 तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव और महाप्रबंधक अतिरिक्त प्रभार प्राजक्ता वर्मा ने यह बजट पेश किया। इस साल के बजट में बेस्ट की कुल आमदनी 8,559.06 करोड़ रुपए और कुल खर्च 9,876.56 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है।
केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत मुंबई में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पुराने ट्रांसफार्मर, सर्किट ब्रेकर और रिंग मेन यूनिट बदले जाएंगे। शहर में 60 किलोमीटर लंबी 33 केवी और 120 किलोमीटर लंबी 11 केवी बिजली केबल बिछाई जाएगी।
बिजली कटौती के समय को घटाने के लिए आधुनिक आईटी सिस्टम लागू होगा। साथ ही एमजीजेएम अस्पताल, एंटॉप हिल और शिवड़ी में नए 33/11 केवी बिजली सब-स्टेशन बनाए जाएंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए बेस्ट अपनी टिकटिंग और ट्रैकिंग प्रणाली को और आधुनिक बना रही है। इससे यात्रियों को मोबाइल ऐप पर बस की सही लोकेशन और टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। 21
अप्रैल 2026 से ओएनडीसी प्लेटफॉर्म पर क्यूआर कोड टिकट शुरू किया गया है। अब वन टिकट, चार्टर, फोनपे, पेटीएम, व्हाट्सएप और रेडबस जैसे कई ऐप से भी बेस्ट का टिकट आसानी से मिल सकेगा।
आणिक डिपो में सीएनजी लीकेज से 12 बसें खाक होने की घटना से सबक लेते हुए बेस्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। अब डिपो में दो बसों के बीच कम से कम दो फीट की दूरी अनिवार्य होगी। आपात स्थिति में तेजी से निकासी के लिए सभी बसें निकास द्वार की और मुंह करके पार्क होंगी। इसके अलावा डिपो में चाबियों का सेंट्रल बोर्ड बनेगा और 24 घंटे अग्निशामक वाहन तैनात रहेगा।
यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बसों में अब चालकों पर डिजिटल पहरा रहेगा। इसके तहत ड्राइवर केबिन और स्टीयरिंग व्हील पर विशेष कैमरे लगाए जाएंगे। यह सिस्टम गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल, झपकी या लापरवाही पकड़ने का काम करेगा, डिपो प्रबंधक रोजाना फुटेज जांचेंगे और नियमों की अनदेखी पर चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मुबई शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेस्ट खुली छत वाली डबलडेकर 'हॉप-ऑन हॉप-ऑफ' बसे शुरू करेगा। ये बसें पर्यटकों को मुंबई दर्शन कराने के लिए चलाई जाएंगी, जिससे सैलानियों का सफर और रोमांचक बनेगा।
थकान मिटाने और हादसे रोकने के लिए बेस्ट नया वर्क-शिफ्ट मॉडल ला रहा है। इसके तहत लगातार छह घंटे से अधिक स्टेयरिंग नहीं संभालनी होगी। साथ ही अतिरिक्त नियुक्तियों से ओवर-टाइम घटाया जाएगा।
कुल आमदनीः 8,559.06 करोड़ रुपए
कुल खर्चः 9,876.56 करोड़ रुपए
कुल घाटाः 1,317.50 करोड़ रुपए
मौजूदा बसें 2,834
जल्द आने वाली बसें : 1,500 मिडी और 200 सीएनजी
अंतिम लक्ष्य: 10,000 बसें