Ajit Dada news (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

एनएससीआई डोम में अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि, अजित दादा के सपने को मिलकर पूरा करेंगे: फडणवीस

Ajit Pawar Tribute: मुंबई के एनएससीआई डोम में आयोजित शोकसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके कार्यों को याद किया।

आंचल लोखंडे

NSCI Dome Condolence Meet: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि किसी मुख्यमंत्री को अजित दादा जैसे वित्त मंत्री की जरूरत होती है, जिसकी कमी हमेशा महसूस होगी। वरली स्थित NSCI Dome में आयोजित शोकसभा में फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के इतिहास में अजित पवार का नाम अमर रहेगा। उन्होंने जनता के बीच लोकनेता की जो छवि बनाई, वह विरले लोगों को ही नसीब होती है। दादा ने किसानों, सहकार और खेलकूद के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। जनता के बीच उनका जबरदस्त जनसंपर्क था।

उन्होंने कहा कि 2013 में उनकी उनसे दोस्ती हुई और उन्होंने देखा कि जनता के हित में फैसले लेने में वे कभी हिचकते नहीं थे। उनमें एक उत्तम प्रशासक के गुण थे। 11 बार वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य के विकास के लिए बेहतर काम किया।

कठोर निर्णय लेने की क्षमता: गडकरी

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि अजित पवार ने 30 वर्षों के राजनीतिक जीवन में प्रदेश के विकास के लिए अनुकरणीय योगदान दिया। उन्होंने सभी वर्गों की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास किए। राज्यपाल ने कहा कि जीवन एक यात्रा है। आज से 100 वर्ष पहले हम नहीं थे और 100 वर्ष बाद हम नहीं होंगे। जीवन की गाड़ी चलती रहती है; किसी का स्टेशन पहले आता है, किसी का बाद में। लोग वही सच में जीवित रहते हैं, जिन्हें अच्छे कारणों से याद किया जाता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अजित पवार में कठोर निर्णय लेने की क्षमता थी। वे महाराष्ट्र के उम्दा नेता थे, जो जनता के हितों को प्राथमिकता देते थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि 28 जनवरी महाराष्ट्र के लिए काला दिवस रहा। अजित दादा राज्य के विकास को लेकर हमेशा प्रयत्नशील रहते थे। उन्होंने कहा कि दादा उनसे और फडणवीस से वरिष्ठ थे और उनका अनुभव हम सभी को जोड़कर रखता था। वे राज्य के बेहतर मुख्यमंत्री हो सकते थे, लेकिन दुर्भाग्य से अब हमारे बीच नहीं रहे।

अजित पवार में कर्तव्यबोध की भावना: भूषण गवई

पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 2003 में कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विपक्ष लगातार सरकार गिराने की कोशिश करता था, लेकिन अजित पवार के सहयोग से सरकार स्थिर रही। दादा अपने दिए वचन से कभी पीछे नहीं हटते थे। पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि अजित पवार में कर्तव्यबोध की भावना थी, जिसने उन्हें जनता का नेता बनाया।

पूर्व मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जीवन में कभी ऐसा दिन आएगा, यह हमने सोचा भी नहीं था। उन्होंने बताया कि 1980 के आसपास उनका अजित पवार से परिचय हुआ और दोनों एक साथ सांसद बने। पटेल ने कहा कि दादा में महाराष्ट्र के विकास की जिद थी और वे सुबह से ही काम में जुट जाते थे।

राज्य के लिए बहुत काम किया: छगन भुजबल

छगन भुजबल ने कहा कि दादा ने कम समय में राज्य के लिए बहुत काम किया। फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर उन्हें याद करते हुए भावुक हो गए और कहा कि काश वे दादा का 75वां जन्मदिन मना पाते। जयंत पाटिल ने कहा कि उन्होंने दादा के साथ 38 वर्षों तक काम किया और महाराष्ट्र को बेहतर राज्य बनाने का उनका सपना था।

शोकसभा में श्रद्धांजलि देने के लिए उद्योगपति गौतम अडानी, मुकेश अंबानी, शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, जय पवार, फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर पार्श्व गायक सुरेश वाडकर ने भजन प्रस्तुति दी।

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