बंगले की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
मुंबई

अजय देवगन के बंगले पर BMC का नोटिस! फिर बढ़ीं सिंघम की मुश्किलें; आखिर क्या है वजह?

Ajay Devgn Bungalow BMC Notice: मुंबई के जुहू स्थित अजय देवगन के बंगले पर BMC ने स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया है। आवासीय परिसर में सैलून-स्पा खोलने को लेकर खड़ा हुआ विवाद।

गोरक्ष पोफली

Ajay Devgn Juhu Bungalow BMC Notice: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अजय देवगन एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं बल्कि उनका मुंबई स्थित आलीशान बंगला है। मुंबई के पॉश इलाके जुहू में स्थित उनके बंगले में चल रहे निर्माण कार्य पर BMC ने स्टॉप वर्क नोटिस थमा दिया है।

इस बीएमसी कार्रवाई के बाद से ही मनोरंजन जगत में हलचल तेज हो गई है और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर सिंघम फेम अजय देवगन के बंगले पर हुई इस अचानक कार्रवाई के पीछे की असली वजह क्या है।

आवासीय इलाके में सलून और स्पा खोलने पर विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे विवाद की मुख्य वजह अजय देवगन के बंगले का प्रस्तावित कमर्शियल इस्तेमाल है। जुहू स्थित कपोले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में अजय देवगन का 7,802 वर्ग फीट का एक भव्य बंगला मौजूद है। इस प्रॉपर्टी को एक प्रीमियम सलून और स्पा सेंटर संचालित करने के लिए किराए पर दिए जाने की खबर सामने आई थी।

हालांकि, जिस सोसाइटी में यह प्रॉपर्टी स्थित है, वह पूरी तरह से एक रेसिडेंशियल परिसर है। इस क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां, खासकर स्पा और सलून जैसे उपक्रम शुरू करने पर सोसाइटी के निवासियों ने कड़ा ऐतराज जताया और जरूरी मंजूरियों पर सवाल खड़े कर दिए।

सोसाइटी की शिकायत और बीएमसी का एक्शन

मामला तब और बढ़ गया जब कपोले हाउसिंग सोसाइटी ने देवगन परिवार से इस कमर्शियल इस्तेमाल से संबंधित जरूरी दस्तावेज और आधिकारिक स्वीकृतियां प्रस्तुत करने को कहा। सोसाइटी का आरोप है कि देवगन परिवार की ओर से समय पर न तो आवश्यक कागजात दिए गए और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला।

इसके बाद सोसाइटी के सदस्यों ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के के-वेस्ट वार्ड में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद बीएमसी अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर वहां चल रहे काम को तुरंत रोकने का नोटिस जारी कर दिया।

बीएमसी का रुख बनाम देवगन ग्रुप का दावा

इस मामले में बीएमसी के के-वेस्ट वार्ड के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उक्त जगह के व्यावसायिक उपयोग के लिए नगर निगम की ओर से कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। दूसरी तरफ, विवाद पर देवगन ग्रुप की Chief Legal and Compliance Officer रुचि कानोजिया ने कहा है कि संबंधित प्राधिकारियों से आवश्यक सभी अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं।

हालांकि, सोसाइटी प्रबंधन का स्पष्ट तर्क है कि जगह किराए पर देने के लिए जारी की गई NOC का अर्थ व्यावसायिक इस्तेमाल की कानूनी मंजूरी होना नहीं है।

जवाब दाखिल करने के लिए मांगा 4 हफ्ते का समय

फिलहाल बीएमसी की इस कार्रवाई के बाद अजय देवगन ने मामले में अपना आधिकारिक जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है। अब देखना यह होगा कि इस मोहलत के दौरान अजय देवगन की लीगल टीम बीएमसी के समक्ष कौन से दस्तावेज पेश करती है और यह मामला क्या मोड़ लेता है।

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