गुजरात के केवड़िया में आयाेजित भारत पर्व  सोर्स: सोशल मीडिया
महाराष्ट्र

केवड़िया में 1 से 15 नवंबर तक दिखेगी महाराष्ट्र की संस्कृति, पैठणी बुनाई और मराठी व्यंजन होंगे खास आकर्षण

Bharat Parv 2026: राष्ट्रीय एकता दिवस पर गुजरात के केवड़िया में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग का पैवेलियन सजेगा। यहां पर्यटकों को राज्य की कला, संस्कृति, किलों और लज़ीज़ व्यंजनों का अनूठा अनुभव मिलेगा।

आकाश मसने

Highlights

  • गुजरात के केवड़िया में 1 से 15 नवंबर तक महाराष्ट्र का विशेष पर्यटन पैवेलियन।

  • पैठणी साड़ी बुनाई का लाइव डेमो और लोक कला का प्रदर्शन।

  • प्रामाणिक महाराष्ट्रीयन व्यंजनों के स्टॉल भी लगेंगे।

  • किलों, बीच, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा राष्ट्रीय मंच।

Special Pavilion for Maharashtra Tourism in Gujarat: राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 1 से 15 नवंबर तक गुजरात के केवड़िया में भव्य भारत पर्व 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग भी भाग ले रहा है। इस पहल के तहत, विभाग एक विशेष पर्यटन पैवेलियन (मंडप) स्थापित करेगा, जहां देश भर से आने वाले आगंतुकों को महाराष्ट्र के विविध पर्यटन स्थलों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कलाओं, खान-पान की परंपराओं और हस्तशिल्प से परिचित कराया जाएगा।

पैठणी बुनाई का लाइव डेमो और लजीज व्यंजन होंगे आकर्षण का केंद्र

इस पैवेलियन में महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों को दर्शाने वाले ब्रोशर और प्रचार सामग्री उपलब्ध होगी। यहां पैठणी बुनाई का लाइव प्रदर्शन, प्रामाणिक महाराष्ट्रीयन व्यंजनों के स्टॉल और पारंपरिक हस्तशिल्प का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होंगे।

इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट अपने किचन स्टूडियो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के व्यंजन पेश करेगा। राज्य की जीवंत लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग का प्रतिनिधित्व संभागीय उप निदेशक (छत्रपति संभाजीनगर) विजय जाधव करेंगे।

पर्यटन की नई झलक: किलों से लेकर समुद्र तटों तक

इस प्रदर्शनी में आगंतुकों को महाराष्ट्र के किलों, समुद्र तटों, धार्मिक स्थलों, खूबसूरत पर्यटन स्थलों, एडवेंचर टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी जाएगी। यहाa मुख्य जोर पैठणी जैसी पारंपरिक कलाओं, स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक भव्यता को उजागर करने पर होगा।

इस पहल से महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है, साथ ही इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र, स्थानीय कलाओं और खान-पान की परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

दुनिया को दिखेगी महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान

पर्यटन विभाग के सचिव संजय यादव ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश भर के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रदर्शित करना, आपसी मेलजोल को बढ़ावा देना और विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना है। यह मंच महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत, अनूठी खान-पान परंपराओं और विविध पर्यटन अवसरों को पूरे देश से आने वाले आगंतुकों के सामने पेश करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।

महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बढ़ावा

पर्यटन निदेशालय के निदेशक विकास पंसारे (IAS) ने कहा कि महाराष्ट्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए, राज्य की विविध पर्यटन खूबियों को देश और विदेश, दोनों स्तरों पर प्रभावी ढंग से उजागर करना आवश्यक है।

विकास पंसारे ने कहा कि गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित इस पहल के माध्यम से हम महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक कलाओं, खान-पान की संस्कृति और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित कर सकेंगे। इस तरह के प्रयासों से एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में महाराष्ट्र की स्थिति मजबूत होगी, नए पर्यटक आकर्षित होंगे, और राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

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