शिक्षा मंत्री दादा भुसे (सोर्स: सोशल मीडिया)
महाराष्ट्र

नए स्कूलों की मंजूरी का अधिकार मंत्री के पास ही... शिक्षा मंत्री के अधिकारों पर चर्चा के बीच आया बड़ा अपडेट

School Approval Rules Maharashtra: महाराष्ट्र में नये स्कूलों को मंजूरी का अधिकार शिक्षा मंत्री के पास ही रहेगा। कार्यों में तेजी के लिए NOC नवीनीकरण व दर्जा बढ़ाने का काम सचिव और आयुक्त संभालेंगे।

मनीषा बोंदरे

Education Minister Power Clarified: महाराष्ट्र में नए स्कूलों को मंजूरी देने के अधिकार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने कहा है कि नए स्कूलों को मान्यता देने का महत्वपूर्ण अधिकार अब भी स्कूल शिक्षा मंत्री के पास ही रहेगा। हालांकि, प्रशासनिक कामकाज को गति देने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण अधिकार विभाग के प्रधान सचिव और आयुक्त को सौंपे गए हैं।

विभाग के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य मंत्री के अधिकारों को सीमित करना नहीं, बल्कि रोजमर्रा के प्रशासनिक मामलों में निर्णय प्रक्रिया को तेज करना है। इसके तहत मौजूदा स्कूलों का स्तर बढ़ाने, स्व-वित्तपोषित इकाइयों और शाखाओं को मंजूरी देने तथा विभिन्न शिक्षा मंडलों के पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के नवीनीकरण जैसे मामलों में अधिकारियों को अधिक जिम्मेदारी दी गई है।

अधिकार सीमित होने की खबर के बाद स्पष्टीकरण

5 सितंबर को शिक्षा मंत्री के अधिकार सीमित किए जाने संबंधी खबर सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया। विभाग ने साफ किया कि नए स्कूल शुरू करने और उन्हें मंजूरी देने से जुड़ा अहम निर्णय लेने का अधिकार शिक्षा मंत्री के पास ही रहेगा।

वहीं, अन्य प्रशासनिक मामलों को अधिकारियों के स्तर पर निपटाने की व्यवस्था किए जाने से प्रस्तावों के निपटारे में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। इससे स्कूलों को विभिन्न मंजूरियों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

शिंदे की समीक्षा बैठक के बाद बदलाव

पिछले महीने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई स्थित नंदनवन में स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा की थी। इस बैठक के बाद लिए गए फैसलों को प्रशासनिक अधिकारों में किए जा रहे बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

दस्तावेजों की संख्या भी होगी कम

विभाग के अनुसार नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्कूलों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना भी है। स्कूल मान्यता, कक्षा या शाखा बढ़ाने और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के नवीनीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या कम करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इससे स्कूलों को कम दस्तावेजों के साथ अपने प्रस्ताव जमा करने की सुविधा मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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