नागपुर का नया विमान घोटाला: एयरपोर्ट NOC के लिए दलालों ने नागरिकों से वसूला वीआईपी टैक्स

Nagpur Airport NOC: नागपुर में एयरपोर्ट एनओसी के नाम पर दलालों की कथित सक्रियता बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। जानकारों के अनुसार एनओसी के लिए सीधे निर्धारित प्रक्रिया से आवेदन किया जा सकता है।
Nagpur's new aviation scam: Brokers collected 'VIP tax' from citizens for airport NOCs.
नागपुर एयरपोर्ट एनओसी, दलाल, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः एआई फोटो)
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Nagpur Airport NOC Brokers Building Permission: नागपुर शहर में भवन निर्माण के लिए आवश्यक एयरपोर्ट अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) को लेकर दलालों की सक्रियता काफी चर्चा में है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि कुछ बिचौलिए एयरपोर्ट एनओसी जल्द दिलाने का झांसा देकर भवन मालिकों, बिल्डरों और नागरिकों से हजारों रुपये तक की कथित वसूली कर रहे हैं, जबकि संबंधित प्रक्रिया के जानकारों का कहना है कि एनओसी प्राप्त करने के लिए किसी भी दलाल या एजेंट की आवश्यकता नहीं होती और आवेदक सीधे नागपुर एयरपोर्ट में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के रीजनल एनओसी सेंटर में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

नागरिकों को किया जाता है गुमराह

सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट की ऊंचाई संबंधी अनुमति (हाइट क्लीयरेंस) और एनओसी के नाम पर कई लोग खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताकर नागरिकों को गुमराह करते हैं। ऐसे मामलों में लोगों से यह कहकर बड़ी रकम मांगी जाती है कि बिना एजेंट के एनओसी मिलना मुश्किल है या प्रक्रिया में कई महीने लग जाएंगे। इसी डर का फायदा उठाकर कथित रूप से मोटी फीस वसूली जाती है।

इस प्रक्रिया से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से एनओसी जारी करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है। यदि सभी आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से जमा किए जाएं तो आवेदक स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में किसी बिचौलिए को अतिरिक्त भुगतान करना अनिवार्य नहीं है।

हर महीने बढ़ रहे आवेदन

जानकारी के अनुसार नागपुर एयरपोर्ट से 56 किलोमीटर के दायरे तक ऊंची संरचनाओं के निर्माण के लिए एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है। एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के रीजनल एनओसी सेंटर, नागपुर के दायरे में 11 एयरपोर्ट आने से हर महीने कार्यालय में 1,500 से 2,000 आवेदन आ रहे हैं।

विदर्भ सहित पूरे मध्य प्रदेश से यहां आवेदन आ रहे हैं।

आम लोगों में बना रहता है भ्रम

शहर के कई नागरिकों का कहना है कि एनओसी की प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं होने के कारण लोग दलालों के जाल में फंस जाते हैं। कई मामलों में एजेंट स्वयं को अधिकृत बताकर नागरिकों से मोटी रकम वसूलने का प्रयास करते हैं। इस कारण आम लोगों में यह भ्रम बना रहता है कि बिना बिचौलिए के एनओसी प्राप्त करना संभव नहीं है।

जानकारों का मानना है कि यदि नागरिकों को एयरपोर्ट एनओसी की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रणाली की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए तो दलालों की भूमिका स्वतः समाप्त हो सकती है। पारदर्शी व्यवस्था और जागरूकता ही इस प्रकार की कथित वसूली पर रोक लगाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे एनओसी के लिए सीधे नागपुर एयरपोर्ट के संबंधित कार्यालय से संपर्क करें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसा देने से बचें। यदि कोई व्यक्ति एनओसी दिलाने के नाम पर अवैध राशि की मांग करता है या खुद को अधिकृत एजेंट बताकर गुमराह करने का प्रयास करता है तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

क्रेडाई, नरेडको के सदस्यों ने की बैठक

एनओसी से संबंधित आ रही समस्या को लेकर एयरपोर्ट पर मनपा आयुक्त विपिन इटनकर, एयरपोर्ट के अधिकारियों ने शुक्रवार को क्रेडाई, नरेडको, एआईए सहित अन्य संगठनों के सदस्यों के साथ एक बैठक की। बैठक में सदस्यों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की मांग की।

इसमें यह भी कहा गया है कि एनओसी के लिए एक आप्रूव्ड एजेंसी बनाएं, जिससे हम संपर्क कर सकें। अभी जो एजेंसी है, वह अप्रूव्ड नहीं होने से एनओसी के लिए अनाप-शनाप पैसों की मांग करती है।

उनका तर्क है कि यदि अधिकृत एजेंसियां तकनीकी जांच और दस्तावेजों का सत्यापन कर एनओसी प्रक्रिया मे सहयोग करें, तो आवेदनों का तेजी से निपटारा हो सकेगा और निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। वहीं यह प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी अभी महीने भर से अधिक समय लगता है, जिसे समय भी बर्बाद होता है और प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ जाती है।

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