Ram Mandir Donation Devendra Fadnavis Reply: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शरीर में श्रीराम की जगह शैतान घुस गया है। उद्धव ने चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या वे जिस प्रकार का 'हिंदू राष्ट्र' चाहते हैं, उसमें छात्रों पर अत्याचार और मंदिरों की तिजोरियों को लूटना शामिल है।
'राम रक्षा' आंदोलन के तहत उद्धव अपने पुत्र आदित्य ठाकरे व साथी नेताओं के साथ शनिवार को आरएसएस के गढ़ नागपुर पहुंचे थे। उद्धव ने राम नगर स्थित राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'राम रक्षा आंदोलन' के तहत राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया।
यह कार्यक्रम अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा घोटाले के विरोध में आयोजित किया गया। राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं उद्धव ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अब यह बीजेपी मुक्त राम आंदोलन की शुरुआत है।
चंदा चोरी राम भक्तों की आस्था पर डकैती है। उद्धव ने कहा कि जब बाबरी मस्जिद गिराई गई, तब शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे अकेले खड़े थे। तब बीजेपी वाले कह रहे थे कि यह शिवसेना का काम है। हम राम मंदिर के लुटेरों के खिलाफ हैं। उद्धव ने कहा कि अब केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ धाम में भी दान में हेराफेरी और चोरी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के नागपुर दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि उद्धवजी को आखिरकार यह एहसास हो गया है कि 'जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं।' वे भगवान राम के पास लौट आए हैं। इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। फडणवीस के इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
उद्धव ठाकरे अपने पुत्र आदित्य ठाकरे और पार्टी नेताओं के साथ नागपुर पहुंचे। उन्होंने राम नगर स्थित राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि "राम मंदिर किसी के बाप की जागीर नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि उनका अभियान "बीजेपी मुक्त राम आंदोलन" की शुरुआत है और कथित चंदा अनियमितता राम भक्तों की आस्था पर चोट है।
उद्धव ठाकरे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से सवाल किया कि क्या उनके कल्पित 'हिंदू राष्ट्र' में छात्रों पर अत्याचार और मंदिरों की तिजोरियों में कथित अनियमितताओं के लिए जगह है। उन्होंने धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की।
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अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे खुलकर सामने आए थे, जबकि भाजपा ने उस समय इसे शिवसेना की कार्रवाई बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दान राशि में कथित हेराफेरी और चोरी के आरोप सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राम मंदिर चंदा विवाद और 'राम रक्षा आंदोलन' को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर उद्धव ठाकरे भाजपा और आरएसएस को निशाने पर ले रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक अभियान करार देते हुए पलटवार कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं।