नागपुर में आयोजित इस आंदोलन का आगाज़ अत्यंत जोरदार और भक्तिमय रहा। उद्धव ठाकरे शुरुआत में प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन और शांत नज़र आए, जहां उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती की। हालांकि, बाद में जनसभा को संबोधित करते हुए वे सत्ता पक्ष पर जबरदस्त आक्रामक हो गए और भाजपा व उसके नेताओं पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए।