अवैध गर्भपात कराने वाला कोल्हापुर का डॉक्टर डॉ. चंद्रकांत गायकवाड़ गिरफ्तार (सोर्स: सोशल मीडिया)
कोल्हापुर

300 अवैध गर्भपात कराने वाले कोल्हापुर के डॉक्टर के कारनामे उजागर, लड़का होने का दावा कर चला रहा था रैकेट

Kolhapur Illegal Abortion Racket: कोल्हापुर में 300 से अधिक अवैध गर्भपात कराने वाले डॉ. चंद्रकांत गायकवाड़ के रैकेट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डॉक्टर बेटा होने की दवा बेचने का दावा करता था।

आकाश मसने

Kolhapur Dr. Chandrakant Gaikwad Case: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 300 से अधिक अवैध गर्भपात कराने की बात स्वीकार करने वाले डॉ. चंद्रकांत गुंडू गायकवाड़ के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर महिलाओं को बेटा पैदा होने की जादुई दवा देने का झांसा भी देता था। इतना ही नहीं, अवैध रूप से किए गए गर्भपात के बाद भ्रूणों को ठिकाने लगाने के लिए उसने बाकायदा एजेंटों का एक जाल बिछा रखा था, जिन्हें वह मोटा कमीशन देता था।

बेटा होने की दवा देने का करता था दावा

कोल्हापुर पुलिस जांच में पता चला है कि डॉक्टर कई लोगों को 'बेटा होने' की दवा देने का दावा करता था। आरोप है कि गर्भपात के बाद भ्रूणों को नष्ट करने के लिए वह उन्हें एक एजेंट के माध्यम से बाहर भेजता था। जांच में सामने आया है कि डॉ. गायकवाड ने एजेंटों को कमीशन के साथ अलग से हिस्सा देकर इस कथित रैकेट में शामिल किया था। पुलिस को डॉक्टर द्वारा गर्भपात किए जाने वाली करीब 40 महिलाओं के नाम मिले हैं। अब इन महिलाओं से पूछताछ कर आगे की जानकारी जुटाई जा रही है।

बंगले के भीतर ही चल रहा था अवैध अस्पताल

जांच अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर गायकवाड़ ने कोलहापुर के कदमवाड़ी रोड स्थित भीमनगर हाउसिंग सोसायटी के एक बंगले में अस्पताल बना रखा था। यहां ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, गर्भपात के बाद महिलाओं को रखने के लिए तीन बेड और आराम के लिए कमरा समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध थीं। इस अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी उसका सहायक शब्बीर हजारे संभालता था। बिना केस पेपर के चल रहे इस अस्पताल में अवैध गतिविधियां चलने का खुलासा हुआ है।

2023 में ही खत्म हो चुका था अस्पताल का लाइसेंस

बताया जा रहा है कि आरोपी डॉ. चंद्रकांत गुंडू गायकवाड ने वर्ष 2023 में कई लोगों को चिकित्सा सेवा बंद करने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसने अपने अस्पताल का लाइसेंस, महानगरपालिका अनुमति और मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े प्रमाणपत्रों का नवीनीकरण भी नहीं कराया था। इस संबंध में उसने डॉक्टरों की एसोसिएशन को पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद महिलाओं की सर्जरी और गर्भपात किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

एजेंटों को 5 की पुलिस हिरासत में भेजा

इस मामले में गिरफ्तार महिला एजेंट रेखा वरुटे और सागर तराल को अदालत में पेश किया गया, जहां दोनों को 6 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों आरोपी गर्भवती महिलाओं को डॉ. गायकवाड के पास भेजकर गर्भपात करवाते थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि दोनों कब से डॉक्टर के संपर्क में थे, उन्होंने कितनी महिलाओं को यहां भेजा और क्या इस मामले में अन्य डॉक्टर भी शामिल हैं।

घर की स्थिति देखकर पुलिस भी हैरान

डॉ. गायकवाड का परिवार मुंबई में रहता है। उसकी पत्नी, बेटा और बेटी तीनों डॉक्टर हैं और अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत हैं। डॉक्टर अकेले रहते थे। कोल्हापुर पुलिस के अनुसार, घर की स्थिति बेहद अस्त-व्यस्त और गंदगी भरी थी। घर का सामान बिखरा हुआ मिला। गिरफ्तारी के समय भी उनके कपड़े काफी मैले थे।

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