शरद पवार के वफादार नेता नहीं रहे (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
जलगांव

शरद पवार के वफादार नेता नहीं रहे, राजीव देशमुख को अंतिम विदाई, चालीसगांव में उमड़ी भीड़

Rajiv Deshmukh Jalgaon: पूर्व विधायक राजीव देशमुख के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आज चालीसगांव शहर में भारी भीड़ उमड़ी। अंतिम संस्कार के दौरान मंत्री शंभूराजे देसाई भावुक हो गए।

आंचल लोखंडे

Jalgaon News: चालीसगाँव के पूर्व विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद चंद्र पवार गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव देशमुख का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन से चालीसगाँव और जलगाँव ज़िलों की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। इस बीच, उनके निधन पर अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए आज चालीसगाँव शहर में भारी भीड़ उमड़ी।

राजगढ़ बंगले के बाहर हज़ारों नागरिक अंतिम संस्कार के लिए जमा हुए थे।इस अवसर पर राज्य मंत्री गिरीश महाजन, मंत्री शंभूराज देसाई, विधायक मंगेश चव्हाण, पूर्व मंत्री अनिल पाटिल, गुलाबराव देवकर, विधायक सत्यजीत तांबे, पूर्व सांसद उन्मेष पाटिल और जिले के कई पूर्व विधायक उपस्थित थे।

अंतिम संस्कार के दौरान भावुक हुए शंभूराजे देसाई

इस बीच, अंतिम संस्कार के दौरान मंत्री शंभूराज देसाई भावुक होते दिखे। कई नेताओं ने कहा कि राजीव देशमुख के निधन से चालीसगांव और जिले की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

शरद पवार के प्रति निष्ठावान नेता के निधन पर दुःख

डॉ. सतीश पाटिल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे चालीसगाँव आकर राजीव देशमुख को श्रद्धांजलि देनी पड़ेगी। राजीव देशमुख एक कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उन्होंने न केवल शहर, बल्कि तालुका के विकास को गति देने के लिए काम किया। उनमें कैलाशवासी अनिल देशमुख की विरासत को कुशलता से आगे बढ़ाने की क्षमता थी। आज सभी की आँखों में आँसू हैं, हमें दुख है कि एक अच्छे नेता और कार्यकर्ता का निधन हो गया। पूर्व राकांपा मंत्री सतीश पाटिल ने प्रतिक्रिया दी है कि हमें दुख है कि शरद पवार के प्रति निष्ठावान एक नेता का निधन हो गया।

यह कभी न भरने वाली दुखद घटना

अनिल पाटिल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह कभी न भरने वाली दुखद घटना जलगाँव जिले में घटी है। राजीव देशमुख की एक परंपरा थी, कार्यकर्ताओं को पोषित करना उनका स्वभाव था। पूर्व विधायक होने के बावजूद, वे एक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करते थे। जलगाँव जिले से ऐसे कार्यकर्ता का जाना राजनीतिक दृष्टि से एक बड़ी क्षति है। इस क्षति की कभी भरपाई नहीं हो पाएगी। यह प्रतिक्रिया एनसीपी विधायक अनिल पाटिल की थी।

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