CJP प्रमुख अभिजीत को दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया।
महाराष्ट्र में लंबी बीमारी के बाद 80 वर्षीय दादी का निधन।
अभिजीत को हिरासत में रहने या अंतिम संस्कार में जाने का विकल्प मिला।
Abhijeet Dipke Grandmother Demise: राजनीतिक हलचल और पारिवारिक त्रासदी के बीच CJP के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दिपके एक बेहद भावुक और कठिन मोड़ पर खड़े हैं। एक तरफ जहां CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे अभिजीत दिपके को पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में उनकी 80 वर्षीय दादी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने हिरासत के दौरान ही अभिजीत को उनकी दादी के निधन की जानकारी दे दी है और उनके सामने यह विकल्प रखा है कि वे हिरासत में रहते हुए अपना विरोध जारी रखें या फिर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वापस महाराष्ट्र लौट जाएं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिजीत दिपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दिपके (उम्र 80 वर्ष) पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों और लंबी अस्वस्थता से जूझ रही थीं। उन्होंने शनिवार को महाराष्ट्र राज्य के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली। सावित्रीबाई अभिजीत के पिता भगवान दिपके की मां थीं। उनके निधन से दिपके परिवार और पूरे संतुक पिंपरी गांव में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
दादी के निधन के समय अभिजीत के माता-पिता, अनीता दिपके और भगवान दिपके, छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास 'शंकर सदन' में मौजूद थे। जैसे ही उन्हें इस दुखद समाचार की जानकारी मिली, वे तुरंत अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी के लिए रवाना हो गए। अभिजीत दिपके के चाचा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सावित्रीबाई का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 9:30 बजे से 10 बजे के बीच संतुक पिंपरी गांव में ही संपन्न किया जाएगा।
यह पूरा मामला उस समय गरमा गया जब शनिवार सुबह अभिजीत दिपके मुंबई से उड़ान भरकर दिल्ली पहुंचे थे। वे देश भर में मतदाता सूचियों के SIR में कथित गड़बड़ियों के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले थे।
हालांकि, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लैंड करते ही दिल्ली पुलिस की टीम विमान के भीतर दाखिल हुई और अभिजीत दिपके के साथ CJP के अन्य नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया।
अभिजीत की हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने उन्हें दादी के निधन की सूचना दे दी है और अब यह फैसला पूरी तरह अभिजीत पर निर्भर करता है कि वे हिरासत में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहते हैं या अंतिम संस्कार के लिए उड़ान भरकर गांव जाना चाहते हैं।
दूसरी ओर, अभिजीत की मां अनीता दिपके ने अपने बेटे की हिरासत पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका बेटा देशहित में काम कर रहा है और सरकार की यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है।
अब पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या CJP चीफ अभिजीत दिपके अपने राजनीतिक रुख पर कायम रहते हुए हिरासत में रहेंगे या फिर अपने परिवार और अपनी दिवंगत दादी को अंतिम विदाई देने के लिए हिंगोली का रुख करेंगे।