पीतांबरटोला गेट (सौजन्य-नवभारत) 
गोंदिया

Tiger Reserve: पीतांबरटोला बना पर्यटकों का नया सफारी हॉटस्पॉट, तेंदुए-मोर-हिरण को देखने उमड़े लोग

Navegaon Nagzira Tiger Reserve: नवेगांव-न्यू नागझिरा प्रकल्प का पीतांबरटोला गेट तेजी से सफारी हॉटस्पॉट बन रहा है। यहां तेंदुआ, हिरण, मोर और तितलियों के शानदार दर्शन पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

प्रिया जैस

Pitambartola Wilderness Trail: गोंदिया जिले में नवेगांव न्यू नागझिरा प्रकल्प में 9 प्रवेश द्वार है। इनमें राष्ट्रीय महामार्ग क्र. 6 से सटे देवरी तहसील में पीतांबरटोला प्रवेश द्वार धीरे-धीरे पर्यटक जंगल सफारी का केंद्र बनता जा रहा है। राष्ट्रीय महामार्ग क्र. 6 देवरी के पास नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व में पीतांबरटोला गेट वन्यजीव प्रेमियों और जंगल सफारी प्रेमियों के लिए बहुत सुविधाजनक है। विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों से आच्छादित घने जंगल में घूमना एक अलग आनंद और अनुभव देता है।

नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र आरक्षित कुल क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत गोंदिया जिले में और 30 प्रतिशत भंडारा जिले में व्याप्त है। प्रवेश के लिए कुल 9 गेट है और उनमें से एक पीतांबरटोला गेट 2013-14 से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यदि नागपुर-रायपुर की ओर यात्रा करने वाले यात्री एक बार इस गेट से जंगल सफारी का आनंद लेते हैं, तो वे निश्चित रूप से इस स्थान पर वापस आने के प्रलोभन से बच नहीं पाएंगे।

पर्यटकों की पहुंच रही भीड़

इस व्याघ्र प्रकल्प में पिछले कुछ दिनों से विभिन्न जंगली जानवरों को देखा जा रहा है। इसके अलावा जैसे-जैसे तितलियों की प्रजातियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं। पीतांबरटोला प्रवेश द्वार न केवल कुछ पर्यटकों के लिए बल्कि वास्तविक यात्रा के लिए जंगल सफारी के लिए अच्छा है। यहां पर पर्यटकों को विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों को देखने का मौका मिलता है।

गोंदिया-भंडारा पर्यटक के लिए महत्वपूर्ण

प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर सुबह की सफारी के दौरान तेंदुए, जंगली भैस, हिरण, मोर जैसे जंगली जानवरों के दर्शन होते हैं। आने वाले वर्षों में गोंदिया और भंडारा दोनों जिले पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हो जाएंगे और नागझिरा और कोका जंगलों में बाघों की बढ़ती संख्या और इस अभयारण्य का पीताबंरटोला प्रवेश द्वार, जो नागपुर-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग को विभाजित करता है, जो छत्तीसगढ़ के पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण हो जाएगा।

राज्य के 6 में से 5 प्रकल्प विदर्भ में

राज्य के 6 व्याघ्र प्रकल्पों में से 5 प्रकल्प अकेले विदर्भ में है। जिसमें ताडोबा, पेंच, मेलघाट, नवेगांव-न्यू नागझिरा और बोर का समावेश हैं। नागपुर इस व्याघ्र प्रकल्प का प्रवेश द्वार है। विदर्भ में वनों की बहुतायत है। विदर्भ में कुछ क्षेत्रों में स्थानीय लोगों द्वारा महुआ फूल और तेंदूपत्ता एकत्रित करते समय आग लगा दी जाती है। इसलिए यह वन्य जीवन को प्रभावित करता है। वन्यजीव जंगल के पास स्थित गांव की ओर भागते हैं।

नवेगांव-न्यू नागझिरा प्रकल्प का वितरण

70% गोंदिया में 30% भंडारा में प्रवेश द्वार : 9 गेट

जंगल में विविध प्रकार के पेड़

यह गेट राष्ट्रीय महामार्ग से सिर्फ 2 किमी। दूर पीतांबरटोला गांव के पास स्थित है। यहां पर प्रशिक्षित गाइड भी हैं। जंगल में बड़ी संख्या में संजीवनी बूटी के साथ अन्य पेड़ हैं। यह प्रवेश द्वार राष्ट्रीय महामार्ग पर देवरी से कुछ ही दूरी पर होने के कारण व्याघ्र प्रकल्प आने वाले यात्री इसी मार्ग से आते हैं।

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