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गोंदिया में सूखे और आगामी गर्मी में संभावित पानी की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने जल नियोजन पर जोर दिया।
पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने जलाशयों के पानी का उपयोग सामूहिक सहमति और निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार करने के निर्देश दिए।
कम पानी में तैयार होने वाली रबी फसलों को प्राथमिकता देने और किसानों में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
Gondia Drought Situation: गोंदिया जिले में इस वर्ष उत्पन्न सूखे की स्थिति और आगामी गर्मी के मौसम में पानी की संभावित किल्लत को देखते हुए जिले के सभी जलाशयों और बांधों में उपलब्ध पानी का उपयोग सामूहिक सहमति तथा निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार सुनियोजित ढंग से किया जाए, पेयजल के साथ ही खेती के लिए आवश्यक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
ऐसे निर्देश पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जलाशयों के जल आरक्षण निर्धारण समिति की बैठक में दिए।
इस दौरान विधायक राजकुमार बडोले, विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, जिलाधिकारी मंदार पत्की, कार्यकारी अभियंता सोनाली सोनुले, बाघ-इटियाडोह सिंचाई परियोजना के कुरेकार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वी. आर. पवार, मध्यम परियोजना विभाग के कार्यकारी अभियंता, धापेवाड़ा उपसा सिंचाई विभाग तिरोड़ा के कार्यकारी अभियंता वी. मटकवार, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता गणवीर, जिप ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता वानखेड़े, इटियाडोह परियोजना समिति जल वितरण संस्था गोठणगांव के अध्यक्ष पालीवाल तथा देवरी नपं की मुख्याधिकारी करिश्मा वैद्य उपस्थित थे।
शासन के 5 अक्टूबर 2026 के निर्णय के अनुसार आवश्यक पानी आरक्षित रखने के निर्देश भी पालकमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि खेती के लिए पानी उपलब्ध कराते समय कम पानी में तैयार होने वाली रबी फसलों को प्राथमिकता देने के संबंध में किसानों में जनजागृति की जाए। यह जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए कृषि विभाग पहल करें।
गोंदिया सिंचाई विभाग के अंतर्गत सात मध्यमा परियोजनाएं, 20 लघु परियोजनाएं, 38 मालगुजारी तालाब, कोल्हापुरी पद्धति के दो बांध और एक उपसा सिंचाई योजना कार्यरत है। इन परियोजनाओं से खरीफ मौसम में मांग के अनुसार संरक्षित सिंचाई की जाती है। इसके बाद उपलब्ध शेष पानी का उपयोग रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई के लिए किया जाता है।
बैठक में पालकमंत्री ने बोधकसा बांध की टूटी हुई पाल (मेड़) के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में सूखे की स्थिति के बीच उपलब्ध जलसंग्रह का उचित प्रबंधन, पानी का समान वितरण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियोजन करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में बाघ, इटियाडोह, गोंदिया सिंचाई विभाग, मध्यम परियोजनाओं और उपसा सिंचाई परियोजनाओं में उपलब्ध जलसंग्रह, जल आरक्षण तथा आगामी समय में पानी के उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकारी अभियंता सोनाली सोनुले ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिले की प्रमुख बाघ और इटियाडोह परियोजनाओं की जानकारी दी।