भंडारा के लाखांदुर में तेंदुए का खौफ: खेत में धान समेट रहे 5 वर्षीय मासूम को बनाया शिकार, दर्दनाक मौत

Bhandara Leopard Attack: भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के दोनाड गांव में खेत में गए 5 वर्षीय बालक पर तेंदुए का हमला, दर्दनाक मौत। वन विभाग ने परिजनों को ₹10 लाख का चेक व ₹50 हजार की सहायता दी।
Fear of a leopard in Lakhandur, Bhandara
तेंदुआ हमलासोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • भंडारा के लाखांदुर में तेंदुए के हमले में 5 वर्षीय बच्चे की मौत।

  • खेत में माता-पिता के साथ धान जमा करने गया था मासूम।

  • परिजनों को ₹10 लाख मुआवजा और ₹50 हजार की तत्काल मदद।

Bhandara Lakhandur Leopard Attack: महाराष्ट्र के भंडारा जिले की लाखांदुर तहसील में तेंदुए के हमले में पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना दोनाड गांव के खेत क्षेत्र में हुई, जहां बच्चा अपने माता-पिता और परिजनों के साथ धान की कटी हुई फसल समेटने गया था। अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे करीब 300 मीटर तक घसीटकर ले गया। इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है।

धान की फसल समेटने खेत गया था परिवार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान दोनाड निवासी मोक्ष सचिन बुरडे (5) के रूप में हुई है। उसके परिवार की वैनगंगा नदी के घाट परिसर में कई एकड़ कृषि भूमि है। कुछ दिन पहले परिवार ने खेत में धान की फसल की कटाई की थी। घटना के दिन मोक्ष अपने माता-पिता और अन्य परिजनों के साथ कटी हुई फसल जमा करने खेत पर गया था।

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तेंदुए ने 300 मीटर तक घसीटा

बताया जाता है कि खेत में काम के दौरान अचानक तेंदुए ने मोक्ष पर हमला कर दिया। तेंदुए ने बच्चे को मुंह में दबोचा और करीब 300 मीटर दूर तक घसीटता हुआ ले गया। बच्चे पर तेंदुए का हमला देखकर माता-पिता और अन्य परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ बच्चे को खेत में छोड़कर मौके से भाग गया।

हालांकि, तेंदुए के हमले और उसे दूर तक घसीटे जाने के कारण बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही भंडारा जिले के लाखांदुर वन विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने घटनास्थल का जायजा लिया।

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परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता

इस दुखद घटना के बाद वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक मदद दी गई। परिजनों को 10 लाख रुपये का चेक और 50 हजार रुपये नकद सहायता के रूप में दिए गए। वन विभाग की इस सहायता का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक राहत पहुंचाना है।

खेतों में फसल कटाई और उसे समेटने का काम जारी रहने के बीच इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।