School Bus Safety Gondia: अभिभावकों को अपने बच्चों की स्कूल बस की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में स्कूली विद्यार्थियों को ले जाने वाले वाहनों में परिवहन नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। पिछले तीन महीनों में 5 स्कूल बसों सहित विद्यार्थियों को ले जाने वाले 2 अन्य अवैध वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इन 7 वाहनों के संचालकों पर कुल 2 लाख 60 हजार रु. का जुर्माना लगाया गया है।
उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय की ओर से अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान 76 स्कूल बस और विद्यार्थियों को ले जाने वाले अन्य 26 वाहनों समेत कुल 102 वाहनों की जांच की गई। निजी स्कूलों में करीब 45 प्रश. विद्यार्थी स्कूल बस, 30 प्रश. स्कूल वैन और 10 प्रश. विद्यार्थी ऑटो रिक्शा से सफर करते हैं।
विद्यार्थियों की यह परिवहन व्यवस्था संवेदनशील मानी जाती है। विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए स्कूल बस और स्कूल वैन के रंग, सीट क्षमता और गति सीमा समेत कई नियम निर्धारित हैं। अप्रैल 2026 से शुरू हुई जांच में 5 स्कूल बसों और विद्यार्थियों की अवैध रूप से ढुलाई करने वाले 2 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
विद्यार्थियों का अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। कुछ मामलों में वाहन चालकों से 17 हजार रु. का समझौता जुर्माना वसूला गया, जबकि कुछ मामले विभागीय स्तर पर जाने के बाद 9 हजार रु. का जुर्माना लगाया गया। अन्य दंड सहित इन मामलों में कुल 2 लाख 60 हजार रु. का जुर्माना लगाया गया है।
गोंदिया उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी विलास चौधरी ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय आवश्यक दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। जिन स्कूल बसों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं है, उनका सडक पर चलना खतरनाक है। ऐसे वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालय के आदेश और परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की आरटीओ द्वारा हर साल फिटनेस जांच करना अनिवार्य है। परिवहन विभाग ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान वाहनों की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्कूल बसों की फिटनेस को लेकर कुछ बस मालिकों और स्कूल संचालकों की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।