गड़चिरोली में सभापति चुने गए (सौजन्य-नवभारत) 
गढचिरोली

मारपीट के बाद बदली 'विजेताओं' की लिस्ट, नागपुर में बनी रणनीति ने गड़चिरोली नप में बिठाए नए समीकरण

Gadchiroli Nagar Parishad Chairman Election: गड़चिरोली में मारपीट और विवाद के बाद सभापतियों का चयन। भाजपा के 4 और राकां का 1 सदस्य बना सभापति। अर्चना निंबोड की नाराजगी ने बढ़ाया राजनीतिक सस्पेंस।

प्रिया जैस

Nagpur BJP Meeting: गड़चिरोली नप की विभिन्न विषय समितियों के सभापति पदों का चयन बुधवार को आयोजित विशेष सभा में संपन्न हुआ। पीठासीन अधिकारी की अध्यक्षता में हुई सभा में सभापति पदों के लिए प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच की गई। निर्धारित समय सीमा के भीतर चार सभापति पदों के लिए कोई विरोधी नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण इन सभी पदों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन किए जाने की आधिकारिक घोषणा की गई।

वहीं महिला एवं बाल कल्याण सभापति पद के लिए दो नामांकन प्राप्त होने के कारण मतदान कराया गया। इस चुनाव में स्मिता कन्नमवार ने मनीषा खेवले को चार बनाम दो मतों से पराजित कर विजय प्राप्त की। नप की विषय समितियों में सत्ताधारी गुट का संख्याबल अधिक होने के कारण इन चयन प्रक्रियाओं को पहले से ही तय माना जा रहा था।

क्या बोले नगरसेवक?

हालांकि, एक सभापति पद राकां को दिए जाने से राजनीतिक हलकों में इसकी विशेष चर्चा रही। निर्वाचन निर्णय अधिकारी ने सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए सभापतियों के चयन की घोषणा की। सभापति पदों पर निर्विरोध चयन होने से नप के प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सत्ताधारी दल के नगरसेवकों ने कहा कि इससे विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। शहर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सभापति समन्वय के साथ कार्य करेंगे, ऐसा विश्वास भी इस अवसर पर व्यक्त किया गया। किसी भी विवाद या अव्यवस्था के बिना चयन प्रक्रिया पूरी होने से नगर परिषद के राजनीतिक वातावरण में स्थिरता आई है।

नव-नियुक्त सभापति

  • अनिल कुणघाडकर – निर्माण
  • लीलाधर भरडकर – जलापूर्ति
  • मुक्तेश्वर काटवे – नियोजन
  • हर्षल गेडाम – शिक्षा
  • स्मिता कन्नमवार – महिला एवं बाल कल्याण
  • शिल्पा गव्हारे – उपसभापति, महिला एवं बाल कल्याण

स्थायी समिति सदस्य

  • अनिल कुणघाडकर
  • लीलाधर भरडकर
  • मुक्तेश्वर काटवे
  • हर्षल गेडाम
  • स्मिता कन्नमवार
  • शिल्पा गव्हारे
  • योगिता पिपरे
  • रमेश चौधरी
  • वर्षा शेडमाके

मारपीट की घटना से बदली सूची

सभापति पदों के चयन को लेकर सोमवार को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान सभापति पदों के नामों पर चर्चा चल रही थी, तभी भाजपा के दो नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया, जिसके चलते कोर कमेटी की बैठक बिना किसी निर्णय के रद्द करनी पड़ी।

इसके बाद मंगलवार को नागपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में गड़चिरोली नप के सभापति पदों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस प्रक्रिया में पहले की सूची से कुछ नाम हटाए गए और अनिल कुणघाडकर सहित कुछ नए सदस्यों को अवसर दिया गया।

वहीं राकां (अजित पवार गुट) के लीलाधर भरडकर को निर्माण सभापति पद नहीं मिल पाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में रही। कुल मिलाकर, सभापति पदों के चयन के बाद नप की राजनीतिक हलचल पर विराम लग गया है। नव-नियुक्त सभापतियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में विकास योजनाओं, नागरिक सुविधाओं तथा शहर की बुनियादी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अर्चना निंबोड की नाराजगी…

भाजपा की नगरसेविका अर्चना निंबोड को जलापूर्ति समिति के सभापति पद की अपेक्षा थी। लेकिन राकां के फॉर्मूले के बीच में आने से यह पद राकां के हिस्से में चला गया। इसके बाद भाजपा की ओर से उन्हें महिला एवं बाल कल्याण समिति के सभापति पद की पेशकश की गई थी। हालांकि अर्चना निंबोड को प्रस्ताव स्वीकार नहीं था।

नाराजगी के चलते वे महिला एवं बाल कल्याण समिति के सभापति पद के चयन के दौरान उपस्थित नहीं रहीं। उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाते हुए कांग्रेस ने चाल चलते हुए अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया, जिसके कारण चुनाव कराना पड़ा। हालांकि अंततः कांग्रेस को इसमें सफलता नहीं मिली।

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