Child Labour Rescue:गड़चिरोली जिले (सोर्सः सोशल मीडिया) 
गढचिरोली

25 बाल कामगारों को किया गया रिहा, वर्ष 2025 में जिला महिला व बाल विकास विभाग की कार्रवाई

Child Labour Rescue: गड़चिरोली जिले में वर्ष 2025 के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की विशेष मुहिम में 25 बाल कामगारों को मुक्त कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

आंचल लोखंडे

Gadchiroli Child Labour: नाबालिग बच्चों को काम पर रखना कानूनन अपराध है, जिससे उनके साथ अन्याय होता है और उनका बचपन छिन जाता है। इसी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 1986 में बाल कामगार विरोधी कानून लागू किया है। बावजूद इसके जिले में विभिन्न दुकान, होटल, पानठेला एवं अन्य प्रतिष्ठानों में इस कानून की अनदेखी कर बाल कामगारों को काम पर रखा जा रहा है।

ऐसे प्रतिष्ठानों से बाल कामगारों को मुक्त कराने तथा संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के उद्देश्य से जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष खोज मुहिम चलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 के दौरान करीब 25 बाल कामगारों को रिहा कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। एक ओर सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, जिसके लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।

शिक्षा से वंचित और शोषण का शिकार

लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के कई परिवार अपने बच्चों को चाय टपरी, पानठेला, होटल, छोटे कारखानों, किराना दुकानों तथा कपड़े व चप्पल की दुकानों में काम पर भेजने को मजबूर हैं। बच्चों से काम करवाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और शोषण का शिकार होते हैं। गड़चिरोली जिले में मजदूर वर्ग की संख्या अधिक होने और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण कई स्थानों पर बाल कामगार देखने को मिलते हैं। ऐसे में जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने गड़चिरोली शहर सहित पूरे जिले में अभियान चलाकर करीब 25 बाल कामगारों को मुक्त कराया और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है।

कानून पर कड़ाई से अमल करना जरूरी

  • प्रत्येक बच्चे को शिक्षा मिले, यह सरकार की प्रमुख नीति है।
  • जिले के दूरस्थ इलाकों में रोजगार के अभाव के कारण मजदूर वर्ग सीमित आय में जीवनयापन कर रहा है।
  • कम आमदनी के चलते कई अभिभावक बच्चों को दुकानों में काम पर भेजते हैं, वहीं व्यवसायी भी इसका फायदा उठाते हैं।
  • सरकार और प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देकर कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

निरंतर चलाई जा रही है मुहिम

गड़चिरोली जिला बाल संरक्षण अधिकारी अविनाश गुरनुले ने कहा कि जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल कामगारों को मुक्त कराने के लिए विशेष पथक का गठन किया गया है। यह पथक जिलेभर में लगातार अभियान चलाकर बाल कामगारों की खोजबीन कर रहा है। बीते एक वर्ष में करीब 25 बाल कामगारों को रिहा कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। साथ ही बाल कामगारों को रोजगार देने वाले व्यवसायियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। यह मुहिम आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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