Gadchiroli Ashram School Protest: महाराष्ट्र की आश्रमशालाएं, छात्रावास और आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आदिवासी विकास मंत्री प्रा. डा. अशोक उईके के तत्काल इस्तीफे दे, इस मांग को लेकर मंगलवार को आदिवासी विकास संघ ने जिले की आश्रमशालाएं बंद रख आंदोलन किया। वहीं संघ द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जिलाधिश को ज्ञापन भिजवाया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि, आदिवासी विकास मंत्री के कार्यकाल में आश्रमशालाओं और छात्रावासों की स्थिति खराब हुई है, तथा विद्यार्थियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सर्पदंश, विषबाधा, मलेरिया तथा पानी में डूबने जैसी घटनाओं में विद्यार्थियों की मृत्यु का उल्लेख करते हुए इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की गई है।
संघ ने आदिवासी विकास विभाग की आयुक्त लीना बन्सोड, नागपुर की अपर आयुक्त आरुषी सिंह तथा गडचिरोली के परियोजना अधिकारी अरुण एम। को तत्काल निलंबित करने और प्रधान सचिव वाघमारे का तबादला करने की मांग भी की है।
इसके अलावा छात्रावासों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना बंद कर पूर्ववत मेस व्यवस्था शुरू करने, एकलव्य विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों तथा आश्रमशालाओं के भवन निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, घटिया गुणवत्ता के ड्रेस की आपूर्ति करने वाली संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सरकारी आश्रमशालाओं और छात्रावासों में भोजन व्यवस्था सुचारू करने की मांग की गई है। ज्ञापन सोंपते समय आदिवासी विकास संघ गडचिरोली के अध्यक्ष विलास नरोटे,सरसेनापति नंदु नरोटे उपस्थित थे।
ज्ञापन में आश्रमशाला और छात्रावासों की नियमित जांच, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, न्यूक्लियस बजट में वृद्धि, कर्मचारियों के रिक्त पदों को तत्काल भरने तथा पेसा क्षेत्र की रिक्तियां शीघ्र भरने, प्रधान सचिव, आयुक्त, अपर आयुक्त और परियोजना अधिकारियों के लिए आश्रमशालाओं के नियमित निरीक्षण को अनिवार्य करने की मांग रखी गई है।
संघ ने परियोजना अधिकारी के पद पर आदिवासी विकास विभाग के अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति करने, सेंट्रल किचन व्यवस्था बंद करने, कसनसूर स्थित एकलव्य विद्यालय को तहसीलस्तर पर स्थानांतरित करने तथा मसेली स्थित सरकारी माध्यमिक आश्रमशाला के प्रधानाचार्य को निलंबित करने की मांग की है।