

चंद्रपुर, राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत एसटी कर्मियों की हड़ताल का आज पांचवा दिन रहा. आज भी यह हड़ताल जारी है. आंदोलन के कारण जहां एक ओर यात्रियों का हाल बेहाल हो रहा है वहीं पांच दिनों में अकेले चंद्रपुर, और गड़चिरोली आगार में ही एस.टी महामंडल को एक करोड़ रुपयों का घाटा हुआ है. इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एस.टी. कर्मियों को अपना समर्थन दिया है.
आंदोलन के चलते चंद्रपुर डिविजन के चंद्रपुर और राजुरा डिपो बसे नहीं चल रही है वहीं वरोरा और चिमूर डिपो की बस सेवा सुचारु है. दो डिपों की बसों के पहिए थम जाने से प्रतिदिन लगभग 15 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है. अपनी विविध मांगों के लिए एसटी कर्मी पिछले पांच दिनों से हडताल कर रहे है. किंतु अब तक सरकार की ओर से कोई उचित निर्णय न लिए जाने से दीपावली के त्योहार पर यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है.
राज्य सरकार कर्मचारियों की तर्ज पर एसटी कर्मियों को भी महंगाई भत्ता, एचआरए मिले, वार्षिक वेतनवृध्दि 3 प्र.श. लागू करें, एसटी कर्मियों को दिया जाने वाले एडवांस की राशि जल्द से जल्द जमा करें, दीवाली बोनस के 15,000 रुपए जल्द से जल्द कर्मियों के खाते में जमा करें, 2018 का कामगार करार लागू करने जैसी मांग के लिए राज्य भर के कर्मचारी आंदोलन कर रहे है. यदि जल्द समस्या का हल नहीं निकला तो यात्रियों को भारी परेशानी होगी.
राजुरा डिपो के लगभग 250 कर्मचारियों ने भी आंदोलन शुरु किया है. इसकी वजह से यात्री सेवा बुरी तरह से लडखडा गई है. सरकार द्वारा गुरुवार को एसटी कर्मियों का डीए 12 प्र.श. से बढाकर 28 प्र.श. कर दिया. इसके बावजूद एसटी कर्मी राज्य सरकार कर्मी का दर्जा देने की मांग पर अडे है. बसेस पूरी तरह से ठप पड जाने से यात्रियों को भारी तकलीफों का सामना करना पड रहा है.
चद्रपुर डिविजन अंतर्गत चंद्रपुर, राजुरा, वरोरा और चिमूर डिपो का समावेश है. जिसमें चंद्रपुर डिपो की 92, राजुरा की 62, चिमूर की 55 और वरोरा की 36 बसों के बसों के माध्यम से यात्रियों को सेवा देती है. चारों डिपो मिलाकर प्रतिदिन 23 लाख के आस पास का कलेक्शन होता है. किंतु सर्वाधिक राजस्व वाले चंद्रपुर और राजुरा डिपो बंद होने से 15 लाख का नुकसान हो रहा है. प्रतिदिन 23 लाख रूपयें के हिसाब से अब तक लगभग 1 करोड़ का घाटा एसटी महामंडल उठा चुका है.