Disability Rights Implementation Maharashtra: धुले जिला अधिकारी भाग्यश्री विस्पुते ने जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर बुनियादी ढांचे और वेबसाइटों तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि विकलांग व्यक्ति विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के अनुसार सार्वजनिक जीवन में गरिमा और सहजता के साथ घूम सके जिला अधिकारी कार्यालय के सतपुरा हॉल में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस कार्यक्रम में वे मुख्य वक्ता के रूप में रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर शरद पवार, अधीक्षक अभियंता अनिल पवार, जिला कृषि अधीक्षक अधिकारी सूरज जगताप, जिला सर्जन डॉ. रविंद्र सोनवाने, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय देवरे और विभिन्न विभागों के प्रमुख मंच पर उपस्थित थे।
जिला कलेक्टर विस्पुते ने कहा कि सरकारी कार्यालयों या सार्वजनिक भवनों में सेवाएं प्राप्त करते समय दिव्यांगजनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय में रैंप, रेलिंग, अलग शौचालय और वॉशरूम होना अनिवार्य है। उन्होंने इस अवसर पर यह भी निर्देश दिया कि न केवल भौतिक सुविधाओं पर बल्कि डिजिटल युग में सूचना प्राप्त करने के लिए वेबसाइटों पर सुगम संचार प्रणालियों के विकास पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
बैठक में रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर शरद पवार ने स्पष्ट किया कि सभी कार्यालय प्रमुखों को अपने संस्थानों के विकलाग अधिकारियों और कर्मचारियों के यूडीआईडी कार्ड और विकलांगता का आधिकारिक सत्यापन करवाना चाहिए।
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साथ ही, संजय गांधी निराधार योजना और श्रवणबल योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड को लिंक करने हेतु एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य उत्पाद शुल्क अधीक्षक स्वाति काकडे, उप जिला कलेक्टर संदीप पाटिल, नगर आयुक्त करुणा दहाले, परियोजना अधिकारी प्रमोद पाटिल, जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी मनीष पवार, सहायक सामाजिक कल्याण आयुक्त संजय सैदाने और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में यह भी बताया गया कि दिव्यांगों के लिए सुलभ वातावरण बनाना केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।