जलगांव: अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर, निर्यात संकट से अंडों के दाम गिरे, पोल्ट्री उद्योग में संकट

Jalgaon Egg Price Fall: खाड़ी देशों को अंडों का निर्यात रुकने व गर्मी के कारण मांग घटने से जलगांव में अंडों की कीमतों में गिरावट आई है, पोल्ट्री उद्योग में संकट, जबकि ग्राहकों को सस्ते अंडों से राहत।
Jalgaon: Impact of International Tensions—Egg Prices Drop Amidst Export Crisis; Poultry Industry Faces Crisis
Jalgaon Poultry Industry Crisis( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalgaon Poultry Industry Crisis: जलगांव अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात की वजह से एक्सपोर्ट रुकने से एग्रीकल्चर सेक्टर पर बहुत बुरा असर पड़ा है। पोल्ट्री इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है, खाड़ी देशों को एक्सपोर्ट रुकने से हर जगह अंडे के दाम गिर गए हैं, और चूंकि गर्मियों में पहले ही दाम कम हो चुके हैं, इसलिए इससे जुड़े सभी व्यापारियों के लिए अपनी प्रोडक्शन कीमत निकालना मुश्किल हो गया है। हालांकि, ग्राहक को राहत मिली है क्योंकि उन्हें कम दाम पर अंडे मिल रहे हैं। अंडे की कीमत गिरने की वजह से अंडे खाने वाले लोगों ने खुशी व्यक्त की है।

लोकल बाजार पर दिखने लगा असर

इंटरनेशनल डेवलपमेंट का असर लोकल मार्केट पर दिन-ब-दिन तेजी से दिखने लगा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का खाड़ी देशों में ट्रेड ट्रांजैक्शन पर बड़ा असर पड़ा है,और इसका सीधा असर भारत में पोल्ट्री इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है।

एक्सपोर्ट रुकने की वजह से घरेलू मार्केट में अंडों की सप्लाई काफी बढ़ गई है, जिससे दामों में पहले कभी नहीं हुई गिरावट आई है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों से मिडिल ईस्ट के सऊदी अरब, ओमान, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में बड़ी मात्रा में अंडे एक्सपोर्ट किए जाते हैं।

लेकिन, मौजूदा युद्ध जैसे हालात ने ट्रांसपोर्ट, पोर्ट और ट्रेड सिस्टम पर असर डाला है। एक्सपोर्ट रुकने से, पैदा हुए अंडों को घरेलू मार्केट में बेचना पड़ रहा है। इससे सप्लाई अचानक बढ़ गई है और डिमांड से ज्यादा बाजार में अंडे उपलब्ध हैं।

ग्राहकों के लिए राहत, लेकिन

हालांकि कीमतों में गिरावट के कारण ग्राहकों को अंडे सस्ते दामों पर मिल रहे हैं, लेकिन उत्पादन चेन के दूसरे एलिमेंट्स पर भारी असर पड़ रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो संभावना है कि प्रोडक्शन कम हो जाएगा, जिससे भविष्य में कमी होगी और कीमतें फिर से बढ़ जाएंगी।

पोल्ट्री इंडस्ट्री सरकार से तुरंत दखल देने की मांग कर रही है। व्यापारियों का कहना है कि एक्सपोर्ट रूट को आसान बनाने, सब्सिडी देने, चारे की कीमतों को कंट्रोल करने और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा देने जैसे कदम उठाने की जरूरत है।

लागत दर भी निकालना मुश्किल

सर्दियों में अंडों की ज्यादा डिमांड होने से प्रति दें। 30 अंडे) का दाम 185 रुपये तक पहुंच गया था। लेकिन, गर्मियों की शुरुआत में, यानी । मार्च से डिमांड कम हो गई और दाम 160 रुपये पर आ गए।

लेकिन, एक्सपोर्ट रुकने के बाद अंडों का दाम गिरकर अभी 120 रुपये प्रति ट्रे पर है। यानी, दाम करीब 4 रुपये प्रति अंडा और 48 रुपये प्रति दर्जन मिल रहा है।

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