Marathwada Drought Relief Demand: मराठवाड़ा में किसानों की फसल को हुए नुकसान को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने बुधवार को विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत से मुलाकात की। पवार के साथ मराठवाड़ा के सभी जिलाध्यक्ष भी मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में किसानों की फसल को करीब 35 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए सहायता देने की मांग की।
पवार ने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों को फसल बीमा की राशि नहीं मिली है। कुछ किसानों को मिली राशि भी बहुत कम है। उन्होंने बीड जिले में करीब 800 करोड़ रुपए और धाराशिव जिले में वर्ष 2022 से लगभग 600 करोड़ रुपए की फसल बीमा राशि लंबित होने का दावा किया। उन्होंने लंबित राशि तत्काल किसानों के खातों में जमा करने की मांग
उन्होंने कहा कि किसानों के सामने फसल के साथ पशुधन बचाने का भी संकट है। इसलिए तत्काल चारा शिविर शुरू किए जाएं और किसानों के पास मौजूद पशुओं की संख्या के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। पवार ने फसल कटाई के आधार पर होने वाले आकलन और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अब नुकसान का सर्वेक्षण कराने की घोषणा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान और विपक्ष पहले से सर्वेक्षण की मांग कर रहे थे, तब सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का दबाव बढ़ने के बाद सरकार घोषणाएं कर रही है। उन्होंने कर्नाटक की तर्ज पर महाराष्ट्र के किसानों के लिए भी विशेष सहायता की मांग की और कहा कि राज्य सरकार को केंद्र से चर्चा कर तत्काल राहत उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने विशेष विधानमंडल सत्र बुलाने की मांग भी दोहराई।
रोहित पवार ने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर बीड जिले में गुरुवार को आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में गंभीर कृषि संकट के बीच किसानों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से फसल नुकसान का सर्वेक्षण, बीमा राशि का भुगतान, प्रति हेक्टेयर सहायता और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को समय पर सहायता नहीं मिली तो उनकी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।