

Maharashtra Drought Rohit Pawar: धाराशिव में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे विधायक रोहित पवार ने किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र से मदद चाहिए तो राज्य सरकार को प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाकर बड़ा सहायता पैकेज लाना चाहिए।
महाराष्ट्र में कम बारिश से खरीफ फसलों पर संकट के बीच सूखे का मुद्दा गरमाता जा रहा है। धाराशिव के येरमाला क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार से किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र से धन की जरूरत है तो सरकार को दिल्ली जाकर मदद मांगनी चाहिए।
रोहित पवार ने मराठवाड़ा में सूखे जैसे हालात को देखते हुए किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने खेतिहर मजदूरों के लिए भी सहायता की जरूरत बताई। हालिया दौरे के दौरान उन्होंने अगले पांच दिनों में चारा शिविर शुरू करने की मांग भी रखी।
पवार ने कहा कि यदि किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त धन की जरूरत है तो राज्य सरकार को प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में शरद पवार भी उनके साथ दिल्ली चलेंगे, लेकिन सरकार को वहां से किसानों के लिए बड़ा सहायता पैकेज लेकर लौटना चाहिए।
रोहित पवार ने सरकार की पिछली घोषणाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि फसल बीमा के तहत घोषित 17,500 रुपये की राशि अब तक कई किसानों तक नहीं पहुंची है। उन्होंने कर्जमाफी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि करीब 43 लाख किसान अभी भी कर्जमाफी से वंचित हैं।
उन्होंने खेत मजदूरों को भी सहायता देने और किसानों की समस्याओं पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। पवार के इन दावों और मांगों पर सरकार की ओर से संबंधित आंकड़ों के आधार पर स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
रोहित पवार ने सूखे की स्थिति को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में किसानों की स्थिति को देखते हुए सूखे से जुड़े कदम उठाए गए हैं। उनका सवाल था कि महाराष्ट्र में भी किसानों के लिए इसी तरह तत्काल निर्णय क्यों नहीं लिए जा रहे हैं।
इससे पहले NCP (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार भी महाराष्ट्र के प्रभावित क्षेत्रों में सूखा घोषित करने और किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता देने की मांग कर चुके हैं।
रोहित पवार ने सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अब राज्य सरकार की ओर से सूखे की स्थिति, फसल नुकसान और राहत पैकेज को लेकर क्या फैसला किया जाता है, इस पर किसानों की नजर है।