

Mumbai MHADA Mill Workers Housing New Tender: मुंबई और महामुंबई क्षेत्र में एक लाख से अधिक मिल मजदूरों और उनके वारिसों को घर उपलब्ध कराने की म्हाडा की कोशिश को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिलने के बाद अब एक बार फिर निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
मुंबई मंडल ने कामगारों के लिए जमीन और तैयार घर तलाशने के लिए नए सिरे से टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य सरकार निविदा की शर्तों में कुछ आवश्यक बदलाव कर रही है। इन बदलावों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नई निविदा जारी की जाएगी।
मिलों की जमीन पर मिल मजदूरों और उनके वारिसों को स्थायी मालिकाना हक वाले घर देने का निर्णय लिया गया था। इस योजना के लिए करीब पौने दो लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।
घर के लिए पात्रता तय करने के उद्देश्य से 1 लाख 9 हजार मिल मजदूरों और उनके वारिसों ने आवेदन किया था। इनमें से 1 लाख 1 हजार आवेदकों को पात्र पाया गया है। अन्य आवेदनों की जांच अभी जारी है।
अब तक मुंबई में करीब 16 हजार मिल मजदूरों को घर मिल सके हैं। बड़ी संख्या में पात्र आवेदकों को घर उपलब्ध कराने के लिए म्हाडा को अतिरिक्त जमीन और आवासीय परियोजनाओं की तलाश करनी पड़ रही है।
मुंबई में जमीन की उपलब्धता सीमित होने के कारण राज्य सरकार ने मिल मजदूरों के लिए आवास की व्यवस्था पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इसके तहत वांगणी और शेलू में निजी डेवलपर्स के माध्यम से करीब 81 हजार घर बनाने का निर्णय लिया गया है।
मुंबई मंडल की ओर से बोरीवली, ठाणे, मीरा-भाईंदर और उलवे में भी घर उपलब्ध कराने के लिए निजी डेवलपर्स से रुचि की निविदाएं मांगी गई थीं।
इस प्रक्रिया में केवल ‘चड्डा डेवलपर्स’ की एक निविदा प्राप्त हुई। हालांकि, कामगार संगठनों ने इस निविदा का विरोध किया है। फिलहाल संबंधित निविदा की जांच की जा रही है।
अब राज्य सरकार निविदा की शर्तों में बदलाव करने और डेवलपर्स को कुछ रियायतें देने पर विचार कर रही है। बदलावों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद मुंबई मंडल की ओर से नई निविदा जारी की जाएगी।
नई निविदा और शर्तों को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। इसका उद्देश्य पात्र मिल मजदूरों और उनके वारिसों के लिए उपलब्ध आवासीय विकल्पों का दायरा बढ़ाना है।