Maratha Reservation Demands: भाजपा नेता एवं विधायक प्रवीण दरेकर ने कहा कि मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार ने लगातार लचीला रुख अपनाते हुए चर्चा की है।
उन्होंने दावा किया कि 14 में से 12 मांगें पूरी की जा चुकी हैं, जबकि एक-दो मांगें कानूनी दायरे में अटकी हुई हैं। इनका समाधान निकालने के लिए सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है और मनोज जरांगे के साथ आगे भी संवाद के लिए तैयार है।
प्रवीण दरेकर ने कहा कि मुंबई जाकर आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि मराठा समाज अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर सकता है, लेकिन गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक उत्सव की व्यवस्थाएं और माहौल प्रभावित नहीं होना चाहिए।
दरेकर ने आंदोलनकारियों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शन के कारण आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे और कानून-व्यवस्था या सामाजिक वातावरण खराब न हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार के साथ आंदोलनकारियों और सभी संबंधित पक्षों की भी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से राधाकृष्ण विखे पाटील, उदय सामंत और प्रसाद लाड सहित कई नेता मनोज जरांगे से मिलने पहुंचे थे। कौन मिलने जाता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।
दरेकर ने कहा कि आक्रामक आंदोलन का अधिकार है, लेकिन किसी की मां-बहन को गाली देना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। संवाद और संयम से समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है।
दिशा सालियान मामले को लेकर भाजपा नेता एवं विधायक प्रवीण दरेकर ने कहा कि इस प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
दरेकर के मुताबिक, फिलहाल मामले में जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित एजेंसी सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को दिशा मिलेगी। साथ ही, इस मामले में अंतिम निर्णय जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगा।