Nandigram Bypoll 2026: क्या नंदीग्राम से फिर चुनाव लड़ेंगी ममता? TMC के नाम और सिंबल पर छिड़ी जंग

West Bengal Politics: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी की संभावित उम्मीदवारी और TMC के नाम-सिंबल विवाद ने बंगाल की राजनीति गरमा दी है। चुनाव आयोग दोनों गुटों के दावे पर फैसला करेगा।
Mamata Banerjee TMC Symbol Dispute
ममता बनर्जी TMC चुनाव चिह्न विवादसोर्स- IANS
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Mamata Banerjee TMC Symbol Dispute: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर नंदीग्राम पर आकर टिक गई है। 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी की संभावित उम्मीदवारी और तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम व चुनाव चिह्न को लेकर विवाद ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और रिताब्रत बनर्जी गुट को अपने-अपने दावे पेश करने का समय दिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ममता 2021 की हार वाली नंदीग्राम सीट से फिर चुनावी मैदान में उतरेंगी और आयोग किस गुट को ‘असली’ टीएमसी की मान्यता देगा।

उपचुनाव से पहले TMC में सिंबल की लड़ाई

चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों गुटों को पार्टी के असली नाम और चुनाव चिह्न पर अपना-अपना दावा पेश करने के लिए समय दिया। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जिन्हें अक्सर उनके घर के पते के कारण "कालीघाट तृणमूल" कहा जाता है और दूसरा गुट पूर्व वामपंथी नेता रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में है।

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ममता बनर्जीसोर्स- IANS

6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान

दोनों गुट अगले महीने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग से मान्यता चाहते हैं। ये सीटें वहां से जीतने वाले उम्मीदवारों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।

चुनाव आयोग की हालिया सूचना के अनुसार, दोबारा मतदान 6 अक्टूबर को होगा और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख बुधवार है।

2021 में शुभेंदु अधिकारी से हार चुकी हैं ममता

बाबरी मस्जिद की हूबहू नकल बनाने वाले हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रेजीनगर विधानसभा सीट खाली हो गई थी (उन्होंने अपनी नावदा सीट अपने पास रखी), वहीं नंदीग्राम सीट मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर के लिए खाली की थी।

दिलचस्प बात यह है कि 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम में उनसे हार गई थीं और इसके बाद उन्हें तीसरी बार लगातार मुख्यमंत्री बनने के लिए भवानीपुर से दोबारा चुनाव लड़ना पड़ा था।

रेजीनगर सीट पर ममता को मिला न्योता

कबीर ने उन्हें रेजीनगर से चुनाव लड़ने का "न्योता" भी दिया है और दावा किया है कि वह उस सीट से उनकी जीत पक्की कर सकते हैं।

वह पहले तृणमूल कांग्रेस में थे, लेकिन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के विवादित फैसले के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।

Mamata Banerjee TMC Symbol Dispute
क्या शुभेंदु अधिकारी के गढ़ में बैकफुट पर है TMC? नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार पर गहराया सस्पेंस

ममता लड़ेंगी तो उम्मीदवार नहीं उतारेंगे- रिताब्रत गुट

इस बीच, रिताब्रता गुट के सदस्यों ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ती हैं, तो वे नंदीग्राम में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी ने खुद इस बात का समर्थन किया, हालांकि उन्होंने मज़ाक में कहा कि अगर वह जीतती भी हैं, तो राज्य विधानसभा में दोबारा मतदान (रीपोल) के ज़रिए ही प्रवेश कर पाएंगी।

वह उनकी लगातार दो हार का जिक्र कर रहे थे, जिनमें से एक मामले में दोबारा मतदान के बाद ही उनकी जीत सुनिश्चित हो पाई थी। ममता बनर्जी या उनके खेमे ने अभी तक आगामी उपचुनाव लड़ने के बारे में कोई पक्का बयान नहीं दिया है।

क्या BJP को मिलेगा फायदा?

हालांकि, यह लगभग तय है कि रिताब्रता गुट का उम्मीदवार न होने की स्थिति में नंदीग्राम में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बढ़त मिलेगी।

उनका गुट ममता बनर्जी-विरोधी वोटों को बांट सकता है, ऐसे में जो लोग बीजेपी का समर्थन नहीं कर रहे हैं, उनके पास पिछली तृणमूल सरकार के ख़िलाफ़ वोट देने का विकल्प होगा।

Party Leaders Switched Sides After Mamata Banerjee Lost The Election
ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद पार्टी के नेताओं पाला बदलासोर्स- IANS

TMC की हार से पार्टी हुई कमजोर

फिलहाल, इस साल चुनाव में हार, कई नेताओं, सांसदों और विधायकों के पाला बदलने, और ममता बनर्जी के भतीजे व पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों की गिरफ़्तारी या उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद, जुझारू पूर्व मुख्यमंत्री का गुट कुछ कमज़ोर नजर आ रहा है।

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