

Manoj Jarange Maratha Reservation: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने कहा है कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मराठा समाज में फूट डालने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने शिंदे को चेतावनी देते हुए कहा कि वे समय रहते सुधर जाएं, नहीं तो एक ही झटके में खत्म हो जाएंगे। जो भी नेता मराठा समाज में फूट डालने का काम करेगा, उसे करारा जवाब मिलेगा।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि सभी पात्र मराठा लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी किए जाएं, ताकि उन्हें आरक्षण और संबंधित सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार से मांग की है कि पात्र लोगों के दस्तावेजों की जांच कर सातारा और हैदराबाद गजट के आधार पर कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया तेज की जाए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों में दर्ज प्रमाणों के आधार पर पात्र मराठा परिवारों को कुणबी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि संविधान के दायरे में रहते हुए सभी पात्र लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र मराठा लोगों को नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि, किसी अन्य वर्ग के मौजूदा आरक्षण में कटौती करके मराठा समाज को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि आरक्षण से जुड़े सभी फैसले संवैधानिक प्रावधानों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही लिए जाएंगे।
जरांगे ने आगे कहा कि कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट की वजह से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने तीन साल तक शिंदे के बारे में इज्जत से बात की थी। लेकिन अब वह मराठा समाज के नहीं, बल्कि एक पार्टी के पक्ष प्रमुख के रूप में बोल रहे हैं।
मराठा आरक्षण विशेषज्ञ अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे पाटिल के खिलाफ ईडी में शिकायत दर्ज कराई है और उनकी संपत्ति और जमीन के सौदों की जांच की मांग की है। बारस्कर ने 1,000 करोड़ के भ्रष्टाचार और रेत की तस्करी का आरोप लगाया है और जरांगे व उनके सहयोगियों के खिलाफ ईडी को सबूत सौंपे हैं।