Sambhajinagar Police Tighten Helmet Rule: शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब हेलमेट नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय के निर्देशानुसार दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 10 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी के तहत 1 सितंबर से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यातायात पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस थानों की टीमें भी तैनात रहकर वाहन चालकों की जांच करेंगी।
शहर पुलिस दल की ओर से पिछले तीन महीनों से चरणबद्ध तरीके से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की मुहिम चलाई जा रही है। इस अभियान के पहले चरण में पुलिस कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया था। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने जून में पुलिस कर्मचारियों को हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया। अब अभियान का अगला और महत्वपूर्ण चरण शुरू किया जा रहा है।
इसमें आम नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए बाध्य करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
हेलमेट नियमों के पालन की जिम्मेदारी केवल यातायात पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी। संबंधित पुलिस थानों की टीमें भी अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर जांच करेंगी। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करेंगी। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक कार्यालय के निर्देश मिलने के बाद छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने करीब तीन महीने पहले ही हेलमेट अनिवार्यता की चरणबद्ध तैयारी शुरू कर दी थी। जून में पुलिस कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के बाद सरकारी कार्यालयों में भी इसका पालन सुनिश्चित किया गया।
अब 1 सितंबर कल मंगलवार से आम वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने जा रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट के नियमित इस्तेमाल की आदत विकसित करना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।